भोपाल. प्रदेश का पहला टेली मेडिसिन हब, जो कि भोपाल में तैयार किया गया है, अप्रैल माह में काम करना शुरू कर देगा। इस हब के जरिए डॉक्टरों का एक्सपर्ट पैनल मरीजों का इलाज करेगा।
इस हब का निर्माण मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के परिसर में किया गया है। इसके शुरू होने से टेली एजुकेशन आसान होगी। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को किसी भी बड़े शहर में जाकर इलाज कराने की जरूरत नहीं रहेगी। वे अपने जिला मुख्यालय के टेली मेडिसिन सेंटर पर पहुंचकर इलाज करवा सकेंगे। जल्द ही ऐसे सेंटर्स तहसील स्तर पर भी शुरू किए जाएंगे।
उद्देश्य- कई बार मरीजों का इलाज अस्पताल दूर होने के कारण ठीक से नहीं हो पाता है। एक जगह से दूसरी जगह जाने में इतनी देरी हो जाती है कि मरीज की मृत्यु होने की आशंका भी बनी रहती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए ये हब तैयार किया गया है।
क्या-क्या रहेगा- इस हब में कम्प्यूटर्स सेटैलाइट से कनेक्ट रहेंगे। इनके द्वारा डॉक्टरों का एक्सपर्ट पैनल मरीजों की जांच करेगा। जो बीमारी से संबंधित सभी जानकारियां देगा। अगर मरीज ने पहले भी अपना इलाज कराया है तो उसका पर्चा भी डॉक्टर्स देख सकेंगे।
किसके लिए उपयोगी- प्रदेशभर में इस सिस्टम का लाभ लिया जा सकता है। सिस्टम के द्वारा मरीज हर तरह की बीमारियों का इलाज करवा सकेंगे। उन्हें अब इलाज के लिए यहां-वहां नहीं भटकना होगा।
कौन-कौन होगा हब में - इस हब में कम्प्यूटर, आईटी और मेडीकल एक्सपर्ट्स मौजूद रहेंगे।
हर साल 10 लाख- हब को तैयार करने में राज्य सरकार की ओर से 12 लाख रुपए पहले चरण में दिए गए हैं। इसके अलावा हर साल 10-10 लाख रुपए मिलेंगे।
>> इसके शुरू होने से टेली एजुकेशन आसान होगी। गंभीर रूप से बीमार मरीजों को किसी भी बड़े शहर में जाने की जरूरत नहीं रहेगी। वे अपने जिला मुख्यालय के टेली मेडिसिन सेंटर पर पहुंचकर इलाज करवा सकेंगे। जल्द ही ऐसे सेंटर्स तहसील स्तर पर भी शुरू किए जाएंगे।
राकेश आर्य, सीनियर रिसर्च साइंटिस्ट, मैपकास्ट