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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़हरभजन सिंह इस समय ‘दूसरा’ का बेहतरीन प्रयोग कर रहे हैं और उनकी गेंदबाजी को देख कर मैं कह सकता हूं कि इस समय वह अपने शानदार दौर में हैं। यह कहना है कि हरियाणा के पूर्व रणजी खिलाड़ी और स्पिनर राजिंदर गोयल का।
गोयल शुक्रवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में सिएट द्वारा आयोजित भारत का सबसे महान स्पिनर कौन है, विषय पर हुई डिबेट में हिस्सा लेने आए थे। भारतीय डोमेस्टिक क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक 640 विकेट लेने वाले गोयल ने कहा कि हरभजन की सबसे बड़ी खूबी गेंद को बाहर निकाल कर बल्लेबाज को चकमा देना है। उन्होंने कहा कि प्रसन्ना जैसे महान स्पिनर भी गेंद को बाहर टर्न नहीं करा सकते थे, लेकिन हरभजन के पास यह क्षमता है। अगर इसी तरह हरभजन गेंदबाजी करते रहे तो आने वाले समय में वे भी महान स्पिनर्स की श्रेणी में खड़े होंगे।
अब क्या अफसोस करूं डोमेस्टिक में 640 विकेट लेने के बावजूद भी गोयल को टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। उन्हें इस बात का बाहर से नहीं, लेकिन अंदर से अफसोस जरूर है। बिशन सिंह बेदी के टक्कर के खिलाड़ी गोयल के बारे में गावस्कर ने लिखा था कि भारतीय क्रिकेट में मुझे अगर किसी गेंदबाज से खतरा लगता था तो वे राजिंदर गोयल थे। 1958 से 1984 तक खेलने वाले गोयल ने कहा कि या तो बिशन खेलते या फिर मैं और उस दौरान मैनेजमेंट को बिशन पर ज्यादा भरोसा था।
स्पिनर्स के लिए अकादमी हो
गोयल ने कहा कि जिस तरह से तेज गेंदबाजों के लिए एमआरएफ पेस अकादमी है उसी तरह से स्पिनर्स के लिए भी अकादमी होनी चाहिए जहां वे अपने को निखार सकें। बोर्ड को इस बारे में कुछ करना चाहिए क्योंकि भारत में टेलेंट की कमी नहीं है।
कुंबले बने सबकी पंसद
सिएट द्वारा आयोजित भारत का सबसे महान स्पिनर कौन में अनिल कुंबले को सबसे ज्यादा वोट मिले। इस डिबेट में वरिष्ठ खेल पत्रकार प्रदीप मैगजीन, अभिजीत चटर्जी और पूर्व खिलाड़ी राजिंदर गोयल ने हिस्सा लिया। मंच सचांलन कमेंटेटर चारू शर्मा ने किया। राजिंदर और चटर्जी ने जहां बिशन सिंह बेदी को महान स्पिनर बताया तो वहीं मैगजीन ने कुंबले की वकालत की। डिबेट में प्रसन्ना, वेकंटराधवन, सुभाष गुप्ते, बापू नाडकर्णी और हरभजन का नाम भी आया, लेकिन ज्यादातर लोगों ने कुंबले को महान बताया। इससे पहले मुंबई, बडौदा, कोलकाता और नई दिल्ली में यह डिबेट हो चुकी है और चंडीगढ़ में शुक्रवार को इसका समापन किया गया।