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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़कामकाज के सिलसिले में भारतीयों की ब्रिटेन जाने की चाह थम नहीं रही है। यही वजह है कि पंजाब से सबसे ज्यादा गैर प्रशिक्षित लोग अवैध तरीके से ब्रिटेन पहुंच रहे हैं। गैर प्रशिक्षित श्रमिकों का अवैध आव्रजन रोकने के लिए ब्रिटिश सरकार 1 अप्रैल से नई इमिग्रेशन पॉलिसी लागू कर रही है जिसके तहत ब्रिटेन का वीजा आसानी से नहीं मिलेगा।
10 साल के लिए प्रवेश पर रोक :
ब्रिटिश हाई कमीशन के मंत्री और डिप्टी हाई कमिश्नर क्रियान बटलर ने बताया कि सर्वाधिक अवैध आव्रजन पंजाब से है। नए नियमों के तहत अवैध आव्रजन में पकड़े जाने वाले पर ब्रिटेन में प्रवेश को लेकर 10 साल की रोक लग जाएगी। ऐसे लोगों को ब्रिटेन में नौकरी देने वाले व्यवसायिक संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
हर माह 200 की वापसी :
ब्रिटेन से प्रति माह 200 अवैध भारतीय अप्रवासी वापस भेजे जाते हैं। 2007 में उत्तर भारत के 2073 अवैध अप्रवासी पकड़े गए। इसमें सबसे ज्यादा पंजाबी थे। बटलर ने बताया कि पंजाब सरकार से मिलकर प्रशिक्षित आव्रजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ब्रिटेन सरकार की फंडिंग से वोकेशनल कोर्सेस (साइंस एंड टेक्नोलॉजी ) शुरू हो रहे हैं।
सॉलिड ग्राउंड पर ही वीजा :
नई प्वाइंट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी 5 टियर प्रणाली है। इसके तहत प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन और अन्य एजुकेशनल ग्राउंड पर ही ब्रिटिश वीजा मिलेगा। इस पॉलिसी से फर्जी इमिग्रेशन एजेंट्स का काम भी ठप हो जाएगा।
शादी की धोखाधड़ी रोकने का इंतजाम :
अप्रवासी भारतीयों के पंजाबी लड़कियों से दूसरी शादी करने के मामलों में ब्रिटिश सरकार स्थानीय पुलिस की मदद करेगी। ब्रिटेन में अप्रवासियोंकी शादी के रिकॉर्ड दर्ज होते हैं। वहां बायोमीट्रिक्स कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। अप्रवासियों की शादियों से जुड़ी जानकारी को पंजाब पुलिस से साझा करने को लेकर भी बातचीत जारी है।
पंजाबी लड़कियों को इस धोखेबाजी से बचाने के लिए ब्रिटिश हाई कमीशन पंजाब में एक सर्वे भी करवा रहा है।