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बैसाखी पर रिलीज होगा सिख इतिहास

चंडीगढ़गुरु नानक साहिब से लेकर 2008 तक का संपूर्ण सिख इतिहास बैसाखी पर रिलीज किया जा सकता है। सिख यूनिवर्सिटी प्रैस के डायरेक्टर सुरजीत सिंह छदौड़ी, दल खालसा एलायंस के महासचिव सुखप्रीत उदोके और सिख मिशन इंटरनेशनल स्पेन के संयोजक कुलविंदर सिंह जाडल ने बताया, सिख इतिहास करीब 1800 पेज का होगा जिसमें अभी तक कहीं भी प्रकाशित न हुए 30 नक्शे, सौ कलर और 500 ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीरें हैं।

सिख इतिहास प्रोजेक्ट के डायरेक्टर प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. हरजिंदर सिंह दिलगीर हैं, जो सिख इतिहास से संबंधित 45 से ज्यादा किताबें लिख चुके हैं। सिख इतिहास के पहले खंड में गुरु नानक देव जी से लेकर महाराजा रंजीत सिंह का कार्यकाल, दूसरे खंड में रंजीत सिंह से लेकर 1978 और तीसरे खंड में 1978 से लेकर 2008 तक का इतिहास होगा।

पंजाबी लागू करने के लिए बादल से मिलेंगे पंजाब साहित्य अकादमी लुधियाना के प्रधान और प्रसिद्ध कवि सुरजीत पातर सीनियर उपाध्यक्ष गुरभजन सिंह गिल एवं महासचिव प्रो.रविन्द्र भट्ठल के नेतृत्व में पंजाबी लेखकों का शिष्टमंडल पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में हो रही विश्व पंजाबी कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिलकर पंजाब विधान सभा द्वारा पंजाबी भाष को लागू करने संबंधी पारित प्रस्ताव को प्रमुखता से लागू करने की मांग करेगा।

लेखकों ने कहा कि पारित किए प्रस्ताव को तुरंत अमली जामा पहनाना होगा। उन्होंने कहा कि पंजाबी को लागू करवाने के लिए जिला स्तर तक निरीक्षक ढांचा तैयार किया जाना चाहिए। इस संबंधी आरोपी अधिकारियों और कर्मचारियों को कठोर सजा देने के लिए विभागीय और कानूनी कार्रवाई विश्वसनीय बनानी होगी। इसके लिए पंजाबी भाष एक्ट में प्रभावी संशोधन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की दोनों केन्द्रीय लेखक सभा और सहित्य अकादमी लुधियाना व चण्डीगढ़ के प्रधान और सचिवों को जांच पड़ता¶ के प्रबन्ध में अधिकारिक तौर पर शामि¶ किया जाए।





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