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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior शिवपुरी. आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक 18 वर्षीय अपाहिज युवक ने 1300 रुपए के लालच में आज जिला चिकित्सालय में लगे एनएसवी शिविर में मजबूरी में नसबंदी करा ली। हालांकि उक्त युवक नसबंदी कराने से पहले खूब रोया।
जिला चिकित्सालय में शुक्रवार की सुबह अपाहिज सुरेश कुशवाह (28) वर्ष निवासी नीलगर चौराहा एनएसवी शिविर में नसबंदी कराने के लिए आया। आंखों में आंसू लिए यह युवक जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों से कह रहा था कि साहब मेरे घर में चार दिन से चूल्हा नहीं जला है। मुझे नसबंदी कराने के बाद कितने रुपए मिलेंगे। चिकित्सकों ने नसबंदी कराने के एवज में 1300 रुपए देने की बात कही।
सुरेश ने भास्कर को बताया कि अपाहिज होने की वजह से वह कोई काम धंधा नहीं कर सकता। उसके परिवार में उसकी पत्नी के अलावा एक पुत्र है। परिवार का पेट पालने के लिए वह माधव चौक चौराहे पर भीख मांगता है। ऑपरेशन थिटेयर में जाने से पहले रोते हुए सुरेश कहता है कि भूख और बीमारी के चलते उसके बड़े पुत्र का निधन हो गया था।
जब इस बात की खबर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. दिनेश कौशल को लगी, तो उन्होंने भास्कर को बताया कि उक्त गरीब व्यक्ति को शासन की ओर से हर संभव सहायता दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अपाहिज सुरेश को एक ट्रायसाइकिल भी दिलाई जाएगी।
शिविर में नसबंदी का पंजीयन कर रही अलका श्रीवास्तव और विजया अरोरा ने बताया कि अपाहिज सुरेश नसबंदी के लिए पंजीयन कराने आया था, वह कह रहा था कि बहुत गरीब है और आर्थिक तंगी की वजह से मजबूरी में नसबंदी करा रहा है। नसबंदी कराने के बाद अपाहिज सुरेश ने पत्नी और बेटे के लिए बाजार से खाद्य सामग्री खरीदी।
नसबंदी के पैसे से खरीदूंगा हाथ ठेला
पुरुष नसबंदी शिविर में नसबंदी कराने के बाद सुरेश ने कहा कि नसबंदी कराने के बाद मिले रुपयों से पहले घर के लिए भोजन की व्यवस्था करूंगा। उसके बाद बचे पैसों से हाथ ठेला खरीदूंगा। इस ठेला पर बैठकर वह मंडी में सब्जी बेचेगा उसकी पत्नी इस कार्य में मदद करेगी। हालांकि जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा दिनेश कौशल ने बताया कि अगर अपाहिज सुरेश मदद मांगने आता है तो उसकी हरसंभव मदद की जाएगी।