गुड़गांव. गुड़गांव पुलिस ने एसीपी राजबीर की हत्या के दौरान भारद्वाज की ऑफिस तीसरे व्यक्ति की मौजूदगी की खबर को गलत बताया है। संयुक्त पुलिस कमिश्नरमनजीत सिंह ने कहा कि छानबीन से इस बात की पुष्टि हो गई है कि सोमवार की रात जब विजय भारद्वाज ने अपने ऑफिस में एसीपी राजबीर सिंह को पीछे से गोली मारी तो उस वक्त कमरे में और कोई मौजूद नहीं था।
मनजीत सिंह ने कहा कि राजबीर सिंह विजय भारद्वाज के ऑफिस में हमेशा जाया करते थे। उन्होंने कहा कि हत्या में विजय भारद्वाज द्वारा इस्तेमाल की गई 32 बोर रिवाल्वर को जांच के लिए मधुबन भेज दिया गया है लेकिन अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई हैं कि इस रिवाल्वर का असली मालिक कौन है और यह रिवाल्वर विजय भारद्वाज के पास कैसे पहुंची।
मनजीत सिंह ने कहा कि मधुबन से रिपोर्ट आने में डेढ़ महीने का समय लग जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक की जांच से तो यही पता चला है कि वियज ने राजबीर की हत्या की है और उसने 33 लोगों से 6 करोड़ से अधिक का कर्ज लिया है।