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Chhattisgarh
Raipur Raipur नई दिल्ली. योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने वर्ष 2008-09 के लिए छत्तीसगढ़ के लिए 9 हजार 600 करोड़ रुपए की योजना पर मुहर लगा दी। विभिन्न क्षेत्र में लगातार बढ़िया प्रदर्शन के बावजूद प्रस्तावित योजना में से 1 हजार 78 करोड़ 47 लाख रुपए की कटौती कर दी गई।
अहलूवालिया ने कटौती को तर्कसंगत बताया वहीं मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी राशि पर संतुष्टि जाहिर की। राज्य की ओर से 10 हजार 678 करोड़ 47 लाख रुपए की प्रस्तावित योजना पेश की गई थी। गत वर्ष की अपेक्षा यह राशि करीब 2 हजार करोड़ रुपए ज्यादा है। अहलूवालिया ने छग के मुख्यमंत्री रमन सिंह को स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रही हीलाहवाला पर घेरा।
११वीं पंचवर्षीय योजना की राशि तय करने के लिए हुई उच्चस्तरीय बैठक में अहलूवालिया ने साफ-साफ कहा कि राज्य सरकार को स्वास्थ्य के क्षेत्र में और बेहतर काम करने की जरूरत है।
उन्होंने राज्य की जन वितरण प्रणाली को तो बेहतर बताया लेकिन साथ ही 3 रुपए किलो चावल वितरण की ओर इशारा करते हुए कहा कि इतनी ज्यादा सब्सिडी देकर अनाज के वितरण से अन्य योजना प्रभावित होंगी। तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष ने साफ कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में जितना काम होना चाहिए था, उतना नहीं हुआ।
हालांकि मुख्यमंत्री ने बैठक में दावा किया कि वर्ष 2011 तक ऊर्जा से सूबाई सरकार को १क् हजार करोड़ रुपए की आमदनी होगी जबकि पानी से 3 हजार करोड़ रुपए फायदे की योजना बनाई गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर चर्चा छिड़ी तो मुख्यमंत्री ने बताया कि राजमार्ग और लिंक रोड पर फिलहाल कोई टोल-टैक्स का प्रावधान नहीं है लेकिन दो वर्ष के बाद सभी राजमार्ग पर टोल टैक्स का प्रावधान कर दिया जाएगा।
आयोग के साथ बैठक में पहली बार सूबे के मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्या को बेहद मामूली बताया। सूत्रों ने बताया कि रमन सिंह ने कहा कि नक्सलियों पर बहुत हद तक काबू पा लिया गया है और वे अब एक-दो पॉकेट में सिमट गए हैं।
उल्लेखनीय है कि अभी तक नक्सली समस्या की दुहाई देकर राज्य सरकार केंद्र से ज्यादा से ज्यादा आर्थिक मदद की गुहार लगाती रही है। मुख्यमंत्री ने इंटिग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम के तहत पैकेट बंद खाने की जोरदार मुखालफत करते हुए कहा कि राज्य सरकार दालभात योजना ही चलाती रहेगी। विदित हो कि हाल ही में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी ने पैक्ड-फूड की जोरदार वकालत की है।