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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. जगदलपुर में 4 अप्रैल को कांग्रेस का पहला आदिवासी सम्मेलन होना है। सोनिया गांधी के बदले तीन केंद्रीय मंत्री पीआर किंडिया, कांतिलाल भूरिया और नमोनारायण मीणा सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
सोनिया गांधी करीब दो साल पहले छत्तीसगढ़ आई थीं। यही वजह है कि उनके प्रस्तावित प्रवास को लेकर उत्साह था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आलाकमान का आना तो टल गया, लेकिन दिल्ली से सम्मेलन के लिए आने वाले मंत्रियों की सूची मिल गई।
सम्मेलन पूरी तरह से आदिवासियों पर केंद्रित होगा। पार्टी ने सम्मेलन में आदिवासियों के वन अधिकार को ही मुद्दा बनाने का फैसला लिया है। वन भूमि पर काबिज लोगों को पट्टा, वन अधिनियम व राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को लेकर बाकायदा पाकेट बुक व फोल्डर तैयार किए गए हैं। केंद्रीय बजट में आदिवासियों व किसानों को दी गई राहत की जानकारी देने अलग से पाकेट बुक छपवाई गई है। फोल्डर और पाकेट बुक सम्मेलन में हिस्सा लेने वालों को बांटी जाएगी।
गौरतलब है, श्री किंडिया अनुसूचित जनजाति विकास मंत्री हैं। नमो नारायण मीणा वन व पर्यावरण और कांतिलाल भूरिया कृषि व खाद्य विभाग की योजनाओं की जानकारी सम्मेलन में देंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक प्रदेश प्रभारी वी नारायण सामी, प्रदेश अध्यक्ष चरणदास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी समेत सांसदों और सभी विधायकों को आमंत्रित किया गया है।
नेता प्रतिपक्ष महेन्द्र कर्मा को सम्मेलन का संयोजक बनाया गया है। पार्टी ने सम्मेलन में नक्सल समस्या, रोजगार गारंटी योजना में घोटाले को लेकर रमन सिंह सरकार के पर हमला बोलने की रणनीति तैयार की है। श्रीमती गांधी के न आने से सम्मेलन फीका पड़ने की आशंका भी पार्टी के नेताओं को है।
सामी सम्मेलनों में व्यस्त
प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी वी नारायण सामी आज दो दिवसीय दौरे पर रायपुर आए। विमानतल पर कांग्रेस नेताओं ने स्वागत किया। वे विमानतल से सीधे कवर्धा रवाना हो गए। कल बलौदाबाजार में कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेगे।