भोपाल. समाजवादी पार्टी के विधायक किशोर समरीते को राज्यसभा चुनाव के दौरान दी गई 10 लाख रुपए के रिश्वत के मामले के जांच अधिकारी बदल गए हैं। अब यह जांच एएसपी जीके पाठक की जगह सीएसपी जहांगीराबाद दिलीप तोमर करेंगे।
पुलिस ने शनिवार को ही इस मामले में पूर्व मंत्री और प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष एनपी प्रजापति के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। प्रकरण दर्ज होने के बाद एसपी जयदीप प्रसाद ने इस पूरे प्रकरण की जांच सीएसपी को सौंप दी है। श्री पाठक ने अपनी रिपोर्ट शनिवार को ही एसपी श्री प्रसाद को सौंपी थी। इसमें प्रथम दृष्टया श्री प्रजापति को आरोपी बनाने की बात थी। बयान देने नहीं आए: इस मामले में बयान देने के लिए सपा प्रदेश अध्यक्ष नारायण त्रिपाठी, पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह और श्री प्रजापति को नोटिस दिए गए थे। श्री त्रिपाठी के घर पर नोटिस तामील हो गया था, लेकिन वे बयान देने नहीं आए। बाकी श्री सिंह और श्री प्रजापति के घर से पुलिस से कहा गया कि वे बाहर गए हुए हैं। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब इन सभी को नए सिरे से नोटिस दिए जाएंगे।
श्री समरीते ने 18 मार्च को जहांगीराबाद थाने में शिकायत की थी कि राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी विवेक तन्खा को वोट देने के लिए उन्हें 10 लाख रुपए की रिश्वत दी गई। शिकायत में कहा गया था कि पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह ने उनसे फोन पर बात की थी और 10 लाख रुपए देने के लिए श्री प्रजापति उनके विधायक विश्राम गृह स्थित आवास पर आए थे।