भोपाल. प्रदेश में एक अप्रैल से नया शिक्षा सत्र सिर्फ सरकारी स्कूलों में शुरू होगा। इसमें माध्यमिक शिक्षा मडल से संबद्घ निजी स्कूलों को इससे छूट दी गई है। उधर निजी स्कूल पूर्ववत एक जुलाई से ही शुरू होंगे।
एक अप्रैल से शिक्षा सत्र के प्रयोग में सरकार ने निजी स्कूलों से पल्ला झाड़ लिया है। अधिकारियों के मुताबिक नई व्यवस्था सरकारी स्कूलों के रिजल्ट सुधार के लिए की गई है। इसलिए प्रदेश के एक लाख 13 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में ही एक अप्रैल से शिक्षा सत्र शुरू किया जाएगा, वहीं 53 हजार 577 निजी स्कूलों को इससे छूट रहेगी। पूर्व में निजी-सरकारी दोनों स्कूल एक अप्रैल से शुरू करने की बात थी, लेकिन आदेशों में इसका कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
इस कारण अधिकारियों ने व्यवहारिक रूप से नई व्यवस्था सिर्फ सरकारी स्कूलों तक सीमित कर दी गई है। शिक्षा विभाग की इस दोहरी नीति से पहली बार ऐसा होगा कि किसी प्रदेश में एक अप्रैल और एक जुलाई से दोनों शिक्षा सत्रों की व्यवस्था कायम होगी। जानकार शिक्षा विभाग की इस दोहरी नीति को शिक्षा के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बता रहे हैं। उनके मुताबिक सरकारी और निजी स्कूलों में अलग-अलग शिक्षा सत्र की व्यवस्था घातक है।
सिर्फ तीन कक्षाएं लगेंगी: सरकारी स्कूलों में भी एक अप्रैल से सिर्फ 10वीं, 11वीं और 12वीं की कक्षाएं लगेंगी। इसमें बिना किताब और कोर्स के पढ़ाई कराई जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इसके निर्देश दे दिए हैं।