इंदौर. शहर में कई कलाकार और विद्वान छिपे हैं, जरूरत है उन्हें खोजने की। स्वर मनुष्य में आत्मसंचार पैदा करते हैं। स्वर ही तो हैं जिससे भगवान का मंगलाचरण और अभिव्यंजना होती है। इस नगर की डगर में ईश्वर का साक्षात्कार हुआ है। इसका ऋण नहीं चुकाया जा सकता। यह सम्मान शहर को ही समर्पित है।
यह बात पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय के आचार्य डॉ. गोकुलोत्सव महाराज ने रविवार को नागरिक अभिनंदन में कही। राष्ट्रीय तानसेन अवॉर्ड, डी.लिट. और पद्मश्री से सम्मानित होने पर वैष्णव स्कूल परिसर में अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया था। विभिन्न संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों ने अभिनंदन पत्र, शाल, श्रीफल और पुष्पमाला भेंट की। उज्जैन के इब्राहिम अली व हैदर मुस्तफा ने भी गुरु का आशीर्वाद लिया।
महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा, सभापति शंकर लालवानी, अंतरराष्ट्रीय पुष्टिमार्गीय वैष्णव परिषद के प्रदेशाध्यक्ष वंृदावन चतवानी, जगतनारायण जोशी, विधायक अश्विन जोशी, भाजपा नगर अध्यक्ष सुदर्शन गुप्ता, डॉ. जी.डी. नागर सहित कई लोगों ने आचार्यश्री को पुष्पमाला पहनाई। अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही संप्रदाय के संत मुमुक्षुराम महाराज भी मौजूद थे। प्रमोद नागर, सुरेश ठाकुर और महेश नागर ने अतिथियों का स्वागत किया। अभिनंदन ग्रंथ का विमोचन भी किया गया। संचालन गजानन शर्मा ने किया।