इंदौर. अवैध निर्माण करने वालों के हौसले देखिए बड़ा सराफा में आवास की मंजूरी लेकर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तान दिया। वहीं श्रद्धाधाम कॉलोनी में बगीचे की जमीन पर मकान बनने लगे जबकि चार महीने पहले ही विधायक-पार्षद ने पौधारोपण कर भूमिपूजन किया था।
श्रद्धाधाम कॉलोनी
भूमिपूजन बगीचे के लिए हुआ और बनने लगे मकान : श्रद्धाधाम कॉलोनी, बाणगंगा के जिस बगीचे में चार महीने पहले पौधारोपण कर विधायक और पार्षद ने बगीचे का भूमिपूजन किया वहां कॉलोनाइजर की मनमानी के चलते पक्के निर्माण हो चुके हैं। रहवासी शिकायत लेकर नगर निगम और पुलिस के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं सुनवाई नहीं होती।
यह कॉलोनी जूना रिसाला निवासी महेंद्र पिता गिरधारी सेन ने काटी है। प्लॉट बेचते वक्त इसके नक्शे में ८क्क् वर्गफीट के २क् और ६क्क् वर्गफीट के ८४ प्लॉट के साथ एक बगीचा भी दर्शाया था। २क्क्७ में विधायक उषा ठाकुर और पार्षद के.के. यादव ने इसका भूमिपूजन किया। उसके बाद कॉलोनाइजर ने बगीचे के लिए संरक्षित चार हजार वर्गफीट जमीन प्लॉट के रूप में बेच दी। एक हिस्से में जी+१ मकान बन गया और लोग रहने लगे। दूसरे हिस्से में भी कुर्सी हाइट तक निर्माण हो चुका है। पार्षद श्री यादव ने भी स्पष्ट किया कॉलोनाइजर ने बगीचे की जमीन पर प्लॉट बेचे। जोनल कार्यालय पर शिकायत की लेकिन अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार नहीं।
शिकायत रहवासियों की : 31 लोगों ने बाणगंगा थाने से संबद्ध सीएसपी को २७ मार्च २क्क्८ को शिकायत की जिसमें कॉलोनाइजर पर मनमानी का आरोप लगाते हुए बताया खुली जमीन का उपयोग खेल मैदान, उद्यान और मंदिर के लिए होना था। वहां हो रहे निर्माण का विरोध करने पर असामाजिक तत्व जान से मारने की धमकी देते हैं। जमीन मिली तो जनसहयोग से उद्यान विकसित करेंगे।
बड़ा सराफा
तमाम शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं : बड़ा सराफा में आवासीय उपयोग की स्वीकृति लेकर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स तानने की तमाम शिकायतों के बाद भी निगम अफसरों के नींद तो नहीं खुली, दुकानें जरूर बिकने लगीं।
निगम ने सत्यनारायण बाहेती, मोहनसिंह वर्मा, सतीशकुमार व मनोहर लड्ढा, सुनीलकुमार, प्रवीण कुमार और राजकुमार वाधवानी के आवेदन पर ६८, बड़ा सराफा मेनरोड पर बालाजी कॉम्प्लेक्स (गुदड़ी वाला भवन) के लिए १७ मई २क्क्६ को नक्शा मंजूर किया था। उसमें ४४क्.५२ वर्गमीटर प्लॉट पर बी+जी+३ के निर्माण की मंजूरी दी थी। बेसमेंट में पार्किग व ४ गोडाउन, ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें और प्रथम, द्वितीय, तृतीय मंजिल पर ८ फ्लैट्स बनाने की शर्त रखी थी। निर्माता २क् से ज्यादा दुकानें बनाने लगे। बेसमेंट में भी तीन दुकानें बना दीं। शिकायत आयुक्त नीरज मंडलोई और सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह को भी की गई लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। निर्माण जारी है और आधी दुकानें बिक चुकी हैं या बुक हैं।
पुलिस बल नहीं मिला इसलिए नहीं तोड़ पाए
‘स्वीकृति के विपरीत निर्माण की पुष्टि हो चुकी है। दो बार नोटिस दिए, एक बार रिमूवल गैंग भी भेजी लेकिन पुलिस नहीं मिलने से नहीं तोड़ पाए।’- हरभजन सिंह, सिटी इंजीनियर
कोई अवैध निर्माण नहीं
बिल्डिंग में स्वीकृति के अनुसार ही निर्माण हुआ है। कोई अवैध निर्माण नहीं है। जो था हमने तोड़ लिया। बाकी पर कोर्ट का स्टे है। - सत्यनारायण बाहेती, निर्माणकर्ता