इंदौर.
चैत्र की गर्मी ने असर दिखाना शुरू किया ही था कि तेज आंधी ने रुख बदल दिया। रविवार शाम 6 बजे अचानक 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने लगी, जो अपने साथ धूल का गुबार भी लिए थी। इसके साथ हल्की बूंदाबांदी हुई और कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। नूरानीनगर में टिन शेड उड़ने से कुछ लोग घायल हुए।
उधर, बेटमा और गौतमपुरा में हल्की बूंदाबांदी हुई जबकि सांवेर में थोड़ी देर आंधी चली। मौसम विभाग ने इंदौर-भोपाल सहित कई इलाकों में बूंदाबादी की संभावना जताई है। रविवार दोपहर को पारा सामान्य से 1 डिग्री ऊपर 37 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा तो लोग गर्मी से हलाकान हो गए। जैसे-जैसे दिन ढलने लगा वातावरण में नमी घुली और हल्की-हल्की हवा चलने लगी।
शहर के पश्चिम क्षेत्र में बिजासन, वेंकटेशनगर, शिक्षकनगर, स्कीम-51, राधानगर, रुक्मणीनगर से लेकर सुखलिया तक कई जगह बिजली गुल हो गई, तभी बूंदाबांदी होने लगी। पूर्वी इलाकों में भी तेज धूल भरी हवा चलने लगी। शाम 7 बजे तक यह मंजर बना रहा। फिर बादल गायब हो गए।
द्रोणिका के कारण आई आंधी
मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के मुताबिक छत्तीसगढ़ से पूर्वी राजस्थान के बीच द्रोणिका (वह लाइन जहां से हवा दिशा बदलती हैं) बनी है। इसके घर्षण से आंधी-तूफान और बूंदा-बांदी होती है। गर्मी में कई बार ऐसा होता है।
बंद करना पड़े कई फीडर
आंधी के कारण ट्रिपिंग से कुछ क्षेत्रों में बिजली चली गई। पश्चिम क्षेत्र में 10-15 मिनट बिजली सप्लाय प्रभावित रहा। सत्यसांई जोन का वैलोसिटी, तुलसीनगर व मैकेनिकनगर फीडर बंद करना पड़ा। नेहरू नगर, पलासिया, वल्लभनगर, अनूपनगर, श्रीनगर, प्रेस कॉम्प्लेक्स, सहित कई इलाकों में तार टूटने से करीब डेढ़ घंटे तक बिजली नहीं रही।