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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. एपीआई की ग्वालियर इकाई द्वारा आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली हार्ट एण्ड लंग्स इंस्टीट्यूट नई दिल्ली के हृदय रोग विशेषज्ञों ने ग्वालियर के चिकित्सकों को हृदयरोग उपचार की नई तकनीक के बारे में े बताया और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
एसोसिएशन ऑफ फिजिशियन्स ऑफ इंडिया (एपीआई) की ग्वालियर ब्रांच की मासिक बैठक में ग्वालियर के चिकित्सकों को हृदय रोग के बारे में नई जानकारी देने के लिए कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें दिल्ली हार्ट एण्ड लंग्स इंस्टीट्यूट नई दिल्ली के चेयरमैन एण्ड मैनेजिंग डायरेक्टर व वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा.जीके मणि तथा डा.एस लहरी को आमंत्रित किया था। कार्यक्रम के प्रारम्भ में एपीआई के सचिव डा. जय माथुर ने अतिथि चिकित्सकों का स्वागत किया। डा.जीके मणि ने बीटिंग हार्ट सर्जरी और बच्चों के हृदय में होने वाले छिद्र के ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डा.जय माथुर ने किया।
ट्रेनिंग देने को तैयार
डा.जीके मणी ने भास्कर से चर्चा के दौरान ग्वालियर के चिकित्सकों को ट्रेनिंग देने की इच्छा जताई है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने राजमाता विजयाराजे सिंधिया की हार्ट सर्जरी की थी तब राजमाता ने ग्वालियर अंचल वासियों को स्वास्थ्य लाभ देने के लिए ग्वालियर में भी सेवाएं देने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि मप्र के विभिन्न शहरों से आने वाले रोगियों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। इसका कारण खानपान में हो रहे बदलाव हैं।
कामकाजी महिलाएं भी शिकार
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डा.एस. लहरी के मुताबिक भारत में युवा अवस्था में ही लोग दिल के रोग का शिकार हो रहे हैं। महिलाएं भी इस बीमारी से प्रभावित हो रही हैं। कामकाजी महिलाओं में यह बीमारी अधिक होती है। इसका कारण यह है कि उन्हें घर के तनावों के साथ कार्यालय व बाहरी तनाव भी झेलने पड़ते हैं। स्ट्रेस लेवल बढ़ने से महिलाओं के दिल पर खतरा मंडरा रहा है जो भारतीय समाज के लिए गंभीर संकेत हैं।