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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. शहर के आसपास भले ही बाइपास रोड बन रहे हों, लेकिन एक बाइपास रोड ऐसा भी है, जिसे बजट में शामिल करने और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेजने के बाद भी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। जबकि इस बाइपास रोड के बनने के बाद शहर ही नहीं, कोनी रोड पर भी ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो जाएगा, जिससे इस क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।
लोक निर्माण विभाग ने वर्ष 2005-06 में रतनपुर बाइपास के लिए प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा था। इस प्रोजेक्ट के तहत रतनपुर जाने वाले वाहन शहर और कोनी होते हुए जाने के बजाय भैरोबाबा मंदिर के बगल से मेलनाडीह, पाली होते हुए कोरबा के लिए निकल जाएंगे। इस रोड को तुरकाडीह से डायवर्ट कर मोपका से भी जोड़ा जाएगा। रायपुर और बिलासपुर से कोरबा जाने वाले वाहन वर्तमान में कोनी से रतनपुर होते हुए या फिर सीपत रोड से आना-जाना करते हैं।
रतनपुर बाइपास प्रोजेक्ट इस तरह तैयार किया गया है कि वाहनों को कोनी रोड और रतनपुर के अंदर नहीं जाना पड़ेगा। वे बाहर ही बाहर कोरबा और इसी मार्ग पर अन्य जगहों के लिए निकल जाएंगे। लगभग साढ़े छह किलोमीटर लंबे इस बाइपास रोड के निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी ने 10 करोड़ 60 लाख रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसे बजट में शामिल करने के बाद शासन ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने को कहा था। विभाग ने सर्वे के बाद डीपीआर भेज दी। इसके बाद भी इस निर्माण कार्य के लिए राशि स्वीकृत नहीं हुई है।
विभागीय अफसरों का इस संबंध में कहना है कि उन्होंने अपनी ओर से प्रक्रिया पूरी करके शासन को भेज दी है। अब इस संबंध में ऊपर से ही निर्णय होना है। शासन से राशि स्वीकृत होने के तुरंत बाद काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन जब तक स्वीकृति नहीं मिलती, वे अपनी ओर से कुछ नहीं कर सकते।