अजमेर. भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को रविवार देर शाम यहां प्रशंसकों की भीड़ से बचाने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। सूफी संत ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह जियारत करने आए अजहर लोगों की धक्का-मुक्की के कारण पसीने से तरबतर हो गए। उन्होंने ख्वाजा साहब की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर परिवार की समृद्धि के लिए मन्नत मांगी।
शाम लगभग साढ़े सात बजे अजहरुद्दीन दो मित्रों के साथ दरगाह पहुंचे। कार से उतरते ही प्रशंसकों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। पुलिसकर्मी उन्हें सुरक्षा घेरे में लेकर परिसर में पहुंचे। यहां उनसे हाथ मिलाने के लिए प्रशंसकों में होड़ मची रही।
अहाता-ए-नूर पहुंचते ही प्रशंसकों की भीड़ और बढ़ गई। यहां से उन्होंने अकीदत का नजराना सिर पर रखा और आस्ताना-ए-आलिया पहुंचे। उन्हें गद्दीनशीन एसएफ हसन चिश्ती ने जियारत कराई, दस्तारबंदी की और तबरुक भेंट किया।
जियारत कर लौटते समय भी दरगाह बाजार में उनकी कार के आगे खासी तादाद में प्रशंसक जमा हो गए। बाजार में प्रशंसकों की भीड़ को हटाने के लिए पुलिसकर्मियों को डंडे दिखाने पड़े। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से रास्ता कर उनकी कार को रवाना किया।
ट्रैफिक जाम में फंसे
फव्वारा सर्किल से आगे निकलते ही अजहर की कार ट्रेफिक जाम में फंस गई। सुभाष उद्यान के सामने स्थित शीतला माता के मंदिर पर भी दर्शनार्थियों की भीड़ लगी हुई थी।
क्या बात करूं..
जब उनसे भारतीय क्रिकेट टीम, आइपीएल और दूसरे मुद्दों पर सवाल किए, तो उन्होंने कहा कि मैं क्या बात करूं? साफ कहा कि वे किसी मुद्दे पर बात नहीं करेंगे।