बीकानेर. राज्य सरकार की ओर से कोलायत उपनिवेशन की तीनों तहसीलों का राजस्व में विलय करने का समय 31 मार्च तक विभाग को दिया गया था लेकिन निर्धारित समय में तहसीलों का विलय नहीं हो सका है। आबंटन, वसूली, विनिमय, रिकार्ड राइटिंग समेत कई कार्य अभी भी अधूरे हैं।
विभाग ने कुछ समय पूर्व तो निर्धारित समय में विलय कराने की तैयारी की थी लेकिन समय पर सभी कार्य पूरे नहीं होने के कारण सरकार के पास विलय की अवधि बढ़ाने की अपील की गई। सरकार ने लिखित में अवधि तो नहीं बढ़ाई लेकिन जून तक बजट आबंटन कर अप्रैल-मई तक विलय करने के संकेत दिए। कुछ महीनों का समय और मिलने के कारण विभाग कार्यो को गति देने में जुट गया है ताकि दुबारा विलय की समय-सीमा नहीं बढ़ाना पड़े।
फिलहाल विभाग राजस्व में इजाफा करने के लिहाज से वसूली अभियान में जुटा है। वित्तीय वर्ष 2007-08 में 56 करोड़ रुपए वसूली का लक्ष्य लिया गया था। उसके बदले अब तक 80 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है। इसमें रविवार को हुई वसूली शामिल है। ब्याज में छूट की अवधि अभी 31 मार्च को भी है। इस दिन भी लाखों रुपए जमा होने के आसार हैं। अब तक यह दूसरी बड़ी वसूली का लक्ष्य है।
इससे पहले पूर्व में रहे उपनिवेशन आयुक्त मुकेश शर्मा के कार्यकाल में सवा सौ करोड़ रुपए की वार्षिक वसूली की गई थी। विभाग के कमिश्नर डॉ.के.के.पाठक ने बताया कि कोलायत उपनिवेशन तहसीलों का विलय जून से पहले कर दिया जाएगा। ब्याज माफी का लाभ किसानों ने लिया है इसी कारण अब तक 80 करोड़ रुपए की वसूली हुई है। उन्होंने बताया कि अब विलय की कार्यवाही तेज कर दी गई है।