बाड़मेर. अन्तरराष्ट्रीय रेलवे स्टेशन मुनाबाव में शनिवार रात 1.85 लाख के नकली नोटों के साथ पकड़े गए पाकिस्तानी वृद्ध दंपती जयपुर निवासी एक रिश्तेदार के नाम से वहां जमीन खरीदना चाहते थे। आरोपियों ने प्रारंभिक पूछताछ में बताया है कि ये रुपए उन्हें उमरकोट में एक जमीदार ने दिए थे।
पाकिस्तान से थार एक्सप्रेस में नकली नोट लेकर आए नारूमल (66) पुत्र टिगोमल व उसकी पत्नी नेनू (61) को रविवार को जोधपुर में आर्थिक मामलात अदालत में पेश किया गया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
उन्होंने बताया कि उमरकोट में रोशन नोहड़ी नाम के जमीदार से 2.30 लाख पाकिस्तानी रुपयों के भारतीय मुद्रा ली थी। उन्होंने बताया कि उनका एक रिश्तेदार नाजूराम पुत्र जेठामल जयपुर में रहता है। वे 45 दिन का वीजा लेकर जयपुर रहने के लिए आए हैं। दंपती ने नकली नोट अंत: वस्त्रों में छिपा रखे थे।
कस्टम विभाग को शक होने पर यूवी लाइट की मदद से इनका पता लगाया जा सका था। कस्टम विभाग को नेनू की तलाशी में 85 हजार के नकली नोट मिले। इसके बाद नारूमल से 1 लाख के ऐसे ही नोट बरामद हुए। नकली नोटों के साथ पकड़े गए आरोपी वर्ष 2005 व 2007 में भी भारत आए थे।
ये हैं नोटों में खामियां
नकली नोटों का पेपर मोटा होने के साथ कलर व प्रिंटिंग कमजोर है। असली नोटों से इनकी साइज भी बड़ी है।
अब तक 55 लाख के जाली नोट
25 जुलाई 2006 को पाक नागरिक टीकमदास के कब्जे से 2900 रुपए के तथा 20 अगस्त को पाक नागरिक करमू प्रजापति से 4300 रुपए के नकली नोट बरामद।
इसी ट्रेन से आए 33 लाख के जाली नोट 24 जून 2007 को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन दिल्ली पर मोहम्मद नईम, मोहम्मद मुस्लिम तथा वसीम के कब्जे से बरामद। 18 नवंबर 2007 को 19.54 लाख रुपए भारतीय नागरिकों से बरामद।
9 फरवरी 2008 को हुसैन खान के कब्जे से 6500 तथा 16 फरवरी को मुख्तार से 2500, सबीर से 500 व भवानीशंकर से 6500 रुपए के जाली नोट बरामद। 8 मार्च को 500 रुपए के नकली नोट भारतीय नागरिक मेरदीन के पास मिले।