लंदन.एक अध्ययन से पता चला है कि हरी चाय पीने वाले लोगों में रोगों से लड़ने की क्षमता सामान्य एंटीबॉयटिक के सेवन करने की तुलना में तीन गुना अधिक होती है।
मिस्र के एलेक्जेंडरिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हरी चाय को लेकर अपने शोध में इस संबंध में जानकारी दी। दरअसल, मिस्र में हरी चाय काफी लोकप्रिय है। मरीजों द्वारा हरी चाय पीने से उनमें बीमारियों से लड़ने की प्रतिरोधी क्षमता के बढ़ने को लेकर शोधकर्ता अध्ययन कर रहे हैं।
अध्ययन दल में शामिल मरवत कासिम ने कहा, ‘‘रोगों से लड़ने की क्षमता को लेकर हमने एंटीबॉयटिक के साथ हरी चाय की जांच की है।’’ उन्होंने कहा कि शोध में पता चला कि एंटीबॉयटिक की तुलना में हरी चाय रोग के लिए जिम्मेदार बैक्टीरिया से लड़ने में अधिक कामयाब होता है।
कामिस इस शोध रिपोर्ट को एडिनबर्ग में सोमवार को आयोजित होने वाले ‘सोसाइटी फॉर जनरल माइक्रोबॉयलोज’ के 162 वें बैठक में पेश करेंगे। गौरतलब है कि हरी चाय शरीर में रोगों से लड़ने के लिए बीस प्रतिशत प्रतिरोधी क्षमता भी विकसित करती है।