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400 आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत सुधरेगी

जयपुर. राज्य के आदिवासी जिलों में 400 आंगनबाड़ी केंद्रों का निजी सहयोग से सुधार किया जाएगा। इससे करीब 16 हजार बच्चे लाभान्वित होंगे। इसके लिए रविवार को राज्य सरकार ने स्टरलाइट फाउंडेशन, मुंबई और हिंदुस्तान जिंक लि. उदयपुर के साथ एमओयू (सहमति पत्र) पर हस्ताक्षर किए।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि समझौते के तहत उदयपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद जिलों के आंगनबाड़ी केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इनमें कार्यरत कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा सहयोगिनियों की दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही वहां शौचालय और रसोई से संबंधित सामग्री की व्यवस्था भी की जाएगी।

एमओयू के समय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल भी मौजूद थे। ये दोनों कंपनियां स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए शिक्षण सामग्री, सुबह के सत्र में बच्चों को नाश्ते में अतिरिक्त पूरक पोषाहार देंगी। छह साल तक के अति कुपोषित और खून की कमी वाले बच्चों को दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी।

सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि स्टरलाइट फाउंडेशन बाल कल्याण के क्षेत्र में कार्यरत है, जबकि हिंदुस्तान जिंक सरकार के साथ मिलकर मिडडे मील, शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य शिविर, स्वयं सहायता समूह और 59 आदर्श गांवों में काम कर रहा है।

राजस्थान में मेटल पार्क बने : अग्रवाल

वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल की राय में राजस्थान में मेटल पार्क बनना चाहिए, ताकि यहां निकलने वाले कच्चे माल का प्रदेश में ही उपयोग हो सके। अग्रवाल ने ‘भास्कर’ से बातचीत में कहा कि उनकी कंपनी कॉपर, जिंक, एल्युमीनियम व अन्य धातुओं का उत्पादन करती है। इनके कच्चे माल का राज्य में ही उपयोग हो, इससे बड़ी उपलब्धि और नहीं हो सकती। कई ऐसी कंपनियां राज्य में इकाइयां लगाने की इच्छुक हैं, जो मेटल उत्पादों से जुड़ी हैं। इसके लिए सरकार को मेटल पार्क बनाना चाहिए। यह राज्य के किसी भी जिले में हो सकता है। पार्क बनाने पर 100 से अधिक इकाइयां यहां लग सकती हैं और 15 हजार करोड़ रुपए का निवेश होने के साथ 50 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।

अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान में बनने वाले डीएपी खाद का उपयोग राज्य के किसान अधिकाधिक करें, ऐसी उनकी इच्छा है। इसके लिए कच्च माल उनकी कंपनी उपलब्ध करा रही है। इसके लिए भी उन्होंने राज्य सरकार से इस दिशा में विशेष रुचि लेने का आग्रह किया है। इससे पहले अग्रवाल ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से इस संबंध में चर्चा की तो मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव डी.सी.सामंत को बुलाकर निर्देश भी दिए।





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