इंदौर. वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बीते साल के मुकाबले पौने दो करोड़ कम मिलने के बाद भी वसूली के मामले में नगर निगम ने पहली बार शतक पूरा कर लिया। २00७-0८ में निगम ने करीब १0४ करोड़ की वसूली की जो बीते वर्ष से करीब १५ करोड़ ज्यादा है।
नगर निगम द्वारा तीन वर्षो से हमेशा १00 करोड़ की वसूली का लक्ष्य जरूर रखा जाता था लेकिन ९क् करोड़ से आगे नहीं पहुंच पाते थे। २00७-0८ में कुल १0४ करोड़ रुपए जमा हुए। इसमें संपत्तिकर, जलकर, दुकान किराया, लाइसेंस, राशनकार्ड और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ विविध मदों में कुल ७४ करोड़ रुपए जमा हुए। स्कीमों के नियमितीकरण के लिए आईडीए से मिले १२, कॉलोनी सेल-नक्शा विभाग में जमा १७ करोड़ के साथ बल्क नल कनेक्शन के लिए मिले एक करोड़ रुपए भी इसमें शामिल हैं। जानकारों के अनुसार २क्क्८-क्९ के लिए बजट तैयार होने के बाद बड़ी हुई राशि से नगर निगम की आर्थिक स्थिति में ज्यादा न सही थोड़ा सुधार तो आएगा।
मांग के मुकाबले पिछड़ा
एक वित्तीय वर्ष में बतौर संपत्तिकर नगर निगम की मांग करीब ७३ करोड़ है जबकि २क्क्७-क्८ में जमा हुए ४५ करोड़। यानी मांग के मुकाबले २८ करोड़ कम की वसूली। जलकर में भी कमोबेश यही स्थिति रही। यहां नियमित करदाताओं और बल्क कनेक्श से १५ करोड़ की वसूली हुई जो मांग के मुकाबले २क् करोड़ कम है।
अप्रैल-मई और मार्च में पीछे
अप्रैल में ३.४३ और मई में ६.११ करोड़ की वसूली हुई थी जो बीते साल से १.२७ से १.४क् करोड कम थे। मार्च २क्क्८ में २क् करोड़ का लक्ष्य रखा जबकि वसूल हुए १४ करोड़। २क्क्६-क्७ में यह आंकड़ा १७.क्२ करोड़ था।
बड़े बकायादारों पर कार्रवाई
१५क्क् बड़े बकायादारों की सूची तैयार कर अंतिम सूचना-पत्र दिए गए थे। वहीं ३५ हजार से ज्यादा ऐसे करदाताओं को नोटिस दिए गए जिन पर १क् हजार से ज्यादा बकाया था। ६२ लोगों के खिलाफ जब्ती-कुर्की की कार्रवाई की गई जबकि २४ की संपत्तियां निलाम हुई।
किस मद में कितना जमा
संपत्तिकर- ४५ करोड़
जलकर- १५ करोड़
किराए- अन्य ११ करोड़
कॉलोनी सेल- ९ करोड़
नक्शा विभाग- ८ करोड़
लाइसेंस- २.९क् करोड़
किराया-विविध- १३.६५ करोड़
अन्य- ३.४४ करोड़
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र- ११.१२ लाख
राशन कार्ड- १७ हजार
शहरवासियों के सहयोग से मिली उपलब्धि
शहरवासियों का वसूली में सहयोग मिलने के कारण ही लक्ष्य प्राप्ति में सफल हो सके। निगम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह सफलता मेरी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि है। -डॉ. उमाशशि शर्मा, महापौर
आखिरी दिन साढ़े चार करोड़
आखिरी दिन टैक्स जमा कर १५ फीसदी पेनल्टी से बचने के लिए केश काउंटर्स पर सुबह ९ से रात ११ बजे तक करदाताओं की कतार लगी थी। महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा और प्रभारी राजस्व समिति प्रभारी ललित पोरवाल ने तेजी से काम करने के लिए कम्प्यूटर के साथ मेनुअल रसीद काटने के निर्देश दिए। राजस्व अधिकारी डॉ. राजेश कोठारी ने बताया शाम रात ९ बजे तक कुल ४.५क् करोड़ रुपए की कम्प्यूटर और मेनुअल रसीदे काटी गई।
पांच दिन में 9.96 लाख वसूले
प्रभारी श्री पोरवाल ने बताया पांच दिन में कुल ९.९६ करोड़ वसूले। इसमें २७ को ७७.२१ लाख, २८ को १.२६, २९ को १.९७, ३क् को १.४७ और ३१ मार्च को ४.५क् करोड़ की वसूली हुई।