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राजधानी में रहना और महंगा

भोपाल. महंगाई के विश्वव्यापी दौर से राजधानी भी अछूती नहीं रही है। एक अप्रैल से केंद्र, राज्य और नगर निगम के बजट प्रस्ताव लागू होने के कारण महंगाई और विकराल रूप में दिखाई देगी। सबसे ज्यादा असर जमीन, रजिस्ट्री और संपत्ति संबंधी खरीद-फरोख्त पर पड़ेगा। सार्वजनिक स्थानों पर गाड़ी खड़ी करने का पैसा भी ज्यादा देना होगा। दूध के दाम में भी मंगलवार से बढ़ोत्तरी हो रही है, जिससे चाय भी महंगी हो सकती है।

आज से बढ़ जाएगा पार्किग शुल्क

राजधानी में मंगलवार से बढ़ी हुई दर से पार्किग शुल्क की वसूली होगी। लोगों को पार्किग शुल्क के रूप में दोपहिया वाहन के लिए दो रु. और चार पहिया वाहन के लिए पांच रु.चुकाने होंगे। अब तक यह दर एक और दो रुपए थी।

नगर निगम परिषद ने जुलाई 07 में पार्किग शुल्क में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पारित किया था। इसके पहले अनेक स्थानों के पार्किग स्थलों के ठेके दिए जा चुके थे। यही कारण है कि नई दर लागू नहीं हो पाई। ठेके पुरानी दर के हिसाब से दिए गए थे। ठेके 31 मार्च को समाप्त होने के बाद एक अप्रैल से नई दर से पार्किग शुल्क की वसूली शुरूहो जाएगी।

जून 05 तक पार्किग दर दो और पांच रु. ही थी, पर परिषद ने 16 जून 05 को पारित प्रस्ताव में यह दर घटाकर एक रु. व दो रु. कर दी थी। इसके कारण निगम को पेड पार्किग आय में 60 फीसदी की कमी हुई थी। इस कारण पार्किग शुल्क में वृद्धि का प्रस्ताव परिषद में रखा गया था।इसमें तर्क दिया गया था कि रेलवे, टाकीज, अदालत, अस्पताल आदि स्थानों पर पार्किग की दर कहीं ज्यादा है।

संपत्तिकर बढ़ेगा, नर्मदा उपकर लगेगा

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही राजधानी के लोगों को ज्यादा संपत्तिकर चुकाना पड़ेगा। नए निर्माण की अनुमति के लिए भी नर्मदा उपकर देना पड़ेगा। इसके साथ लाइसेंस फीस, तहबाजारी व दुकानों के लीज रेंट की नई दरें भी एक अप्रैल से लागू हो रही हैं।

नगर निगम ने जमीन के कलेक्टर रेट के आधार पर संपत्तिकर लेना तय किया है। इससे शहर में संपत्तिकर की दर अलग-अलग स्थानों पर 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ेगी। एक अप्रैल से इस दर से वसूली शुरू होगी। अब वार्षिक भाड़ा मूल्य के लिए आवासीय भवनों में न्यूनतम 140 रुपए और अधिकतम 400 रुपए की दर निर्धारित की गई है। व्यावसायिक भवनों के लिए न्यूनतम 280 रुपए और अधिकतम 800 रुपए की दर होगी। वार्षिक भाड़ा मूल्य के आधार पर ही संपत्तिकर तय होता है।

नर्मदा उपकर

भवन अनुज्ञा के लिए अब लोगों को क्षेत्रफल के हिसाब से नर्मदा उपकर भी चुकाना होगा। एक हजार वर्ग फट तक कोई उपकर नहीं लगेगा। इसके बाद क्षेत्रफल बढ़ने के साथ एक रुपए से दस रुपए वर्ग फीट तक नर्मदा उपकर चुकाना होगा।

लाइसेंस फीस व तहबाजारी बढ़ेगी

विभिन्न व्यवसायों के लिए नगर निगम से लिए जाने वाले लाइसेंसों की फीस भी एक अप्रैल से 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। इसमें बिल्डर, र्न्िसग होम, हास्टल, कोचिंग क्लास, बार आदि को भी लाइसेंस फीस देनी होगी। शहर के विभिन्न इलाकों में लगने वाली दुकानों के लिए तहबाजारी की नई दर भी मंगलवार से लागू हो जाएगी। अब पांच रुपए प्रतिदिन के स्थान पर सात रुपए तहबाजारी देनी होगी।





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