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अंतिम दिन हुआ आठ सौ करोड़ का लेनदेन

भोपाल. राजधानी में इस साल सभी करों की रिकार्ड वसूली हुई। वित्त वर्ष के अंतिम दिन विभिन्न करों के रूप में लगभग 240 करोड़ रुपए की उगाही हुई। शासकीय कोषालयों से एक दिन में साढ़े पांच सौ करोड़ का भुगतान हुआ। कुल मिलाकर वित्त वर्ष के अंतिम दिन लगभग 800 करोड़ का लेन-देन हुआ।

केंद्र व राज्य सरकार के विभिन्न दफ्तर व बैंक सोमवार को देर रात तक खुले रहे। स्टेट बैंक आफ इंडिया की सुल्तानिया रोड और टीटी नगर शाखा में आयकर व अन्य कर जमा करने वालों के अलावा शासकीय भुगतान करने वालों की भीड़ लगी रही। शाम पांच बजे के बाद बैंक शाखाओं में भीड़भाड़ अधिक देखी गई।

आयकर

आयकर कार्यालय में रात साढ़े आठ बजे तक रिटर्न स्वीकार किए गए। विभाग के अधिकारियों के अनुसार सोमवार को सात हजार से अधिक रिटर्न जमा हुए। खास तौर से दोपहर तीन बजे के बाद रिटर्न जमा करने वालों की अधिक भीड़ देखी गई। विभाग के भोपाल कमिश्नर क्षेत्र का लक्ष्य 724 करोड़ रुपए की वसूली का था। एक सप्ताह पहले तक 720 करोड़ रुपए आयकर वसूला जा चुका था। अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतिम दिन विभिन्न बैंक की शाखाओं में करीब बीस करोड़ रुपए आयकर जमा हुआ।

केंद्रीय उत्पाद शुल्क

केंद्रीय उत्पाद शुल्क व सेवाकर विभाग ने इस बार फिर लक्ष्य से अधिक वसूली की। भोपाल कमिश्नर क्षेत्र का उत्पाद शुल्क का लक्ष्य 1495 करोड़ रुपए था, विभाग ने इससे तीन करोड़ रुपए अधिक की वसूली की। कस्टम ड्यूटी का लक्ष्य 11 करोड़ रुपए था, जबकि वसूली 15 करोड़ रुपए हुई। इसी तरह सेवाकर के रूप में 274 करोड़ रुपए की वसूली हुई, जबकि लक्ष्य 255 करोड़ रुपए था। 31 मार्च को एक दिन में विभाग के खाते में लगभग डेढ़ सौ करोड़ रुपए कर जमा हुआ।

वाणिज्यिक कर

राजधानी में इस साल ढाई हजार करोड़ रुपए से अधिक वाणिज्यिक कर वसूला गया। विभाग का इस साल का लक्ष्य 2376 करोड़ रुपए था। सोमवार को विभिन्न बैंक शाखाओं में वाणिज्यिक कर के लगभग 60 करोड़ रुपए के चालान जमा हुए।

नगर निगम

नगर निगम के विभिन्न वार्डो में संपत्ति कर और जल दर सहित अन्य करों के रूप में सोमवार को तीन करोड़ रुपए की वसूली हुई। शुक्रवार को एक करोड़ रुपए की वसूली हुई थी।

रजिस्ट्री

जिले के रजिस्ट्रार कार्यालयों में अंतिम दिन भी देर रात तक कामकाज हुआ। सोमवार को सात सौ संपत्तियों का पंजीयन हुआ। इससे करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की आय का अनुमान है। रजिस्ट्रार नगेंद्र शर्माे के अनुसार जिले का 225 करोड़ रुपए का लक्ष्य था, जिसे पूरा कर लिया गया।

कोषालय

तीनों कोषालयों में वित्त वर्ष के अंतिम दिन रात आठ बजे तक करीब साढ़े पांच सौ करोड़ रुपए के बिलों का भुगतान हुआ। जिला कोषालय से लगभग175 करोड़ रुपए के 165 बिलों का भुगतान किया गया। विंध्याचल भवन स्थित कोषालय में वित्त वर्ष के अंतिम दिन भुगतान के लिए लगभग 75 बिल पहुंचे। यहां से लगभग 125 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ। वल्लभ भवन कोषालय से 200 करोड़ रुपए के 65 बिलों का भुगतान हुआ।





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