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सिमी के निशाने पर थे परमाणु ठिकाने

भोपाल. स्टूडेंट इस्लामी मूवमेंट आफ इंडिया (सिमी) का कर्ताधर्ता सफदर सिर्फ भारत में ही सक्रिय नहीं था। वह अंतराष्ट्रीय आतंकवादी संगठन अलकायदा और पाकिस्तान में सक्रिय जमायते इस्लामी के भी संपर्क में था। सफदर का गुट कर्नाटक और आंध्रप्रदेश के परमाणु ठिकानों को उड़ाने की साजिश रच रहा था।

सफदर और उसके साथियों से चल रही पूछताछ में कई सनसनीखेज जानकारियां सामने आई हैं। प्रदेश पुलिस द्वारा पकड़े गए सिमी के 13 नेता देश भर की सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि इसमें सफदर तो काफी खतरनाक है और वह पुलिस को काफी कम जानकारी दे रहा है, लेकिन उसके साथ पकड़े गए कर्नाटक के युवकों ने पूरी हकीकत बयां कर दी है। कर्नाटक का सिबली और हाफिज बीटेक हैं।

हाफिज ने पुलिस को बताया है कि उन्होंने हुबली में एक बैठक की थी। इस बैठक में सफदर भी आया था। वहां सफदर ने सभी की मुलाकात कर्नाटक के ही नसीरउद्दीन उर्फ निसार से कराई थी।

निसार पाकिस्तान के आतंकी कैंपों में कमांडो ट्रेनिंग लेकर आया था। बैठक में गुजरात दंगों और अयोध्या का विवादित ढांचे के ढहाए जाने को लेकर बदले की रणनीति बनी थी। इसके बाद ही सिमी ने आक्रामक रुख अख्तियार किया और शाहिद बद्र फलाही की जगह सफदर को सिमी का मुखिया बना दिया गया। इसके बाद सिमी मुंबई, अजमेर, मालेगांव और समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोटों से जुड़ी। उनका एक साथी एहतेशाम सिद्दीकी पहले ही सफदर का नाम उजागर कर चुका है।

तबाही की साजिश बनाई थी: सफदर के गुट ने ही कर्नाटक और आंध्रप्रदेश में दो परमाणु संयत्रों को उड़ाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उसे अलकायदा के साथ पाक की जमायते इस्लामी भी मदद कर रही थी। इस संगठन ने दो सौ खतरनाक कमांडों बनाने की साजिश रची थी जो देश के विभिन्न हिस्सों में तबाही मचाते। इसके लिए विभिन्न जंगलों में ट्रैनिंग कैंप बनाए जाने थे।

अली करता था पैसे की जुगाड़

सफदर और उसके साथियों के लिए जबलपुर का मोहम्मद अली पैसे जुटाता था। वह इसके लिए पूरे देश में घूमता था। इन लोगों की योजना शहरों से पैसा एकत्र कर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को सिमी से जोड़ने की थी। इसके लिए उन्होंने मालवा और भोपाल के आसपास के कस्बों में पैर फैलाए थे।

शाहजहांनाबाद में है किराए का मकान

स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट आफ इंडिया के इंदौर में पकड़े गए नेताओं का एक ठिकाना भोपाल में भी था। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि सफदर नागोरी ने शाहजहांनाबाद में पुरानी अदालत के पास एक मकान किराए पर लिया था। यह मकान सिमी के रेस्ट हाउस के रूप में उपयोग में लाया जाता था।

सिमी के जो नेता देश के किसी भी हिस्से से आकर भोपाल से गुजरते थे। वे यहां रुकते थे। वहीं खुद सफदर ने अपने परिवार के लिए इमामीगेट पर किराए का मकान ले रखा था। वह पिछले एक साल से पत्नी और तीन बच्चों के साथ यहां रहकर गया था। वह भोपाल में बिलगामी बंधुओं के नजदीक रहा है और उनके अलावा सिमी के किसी नए सूत्र के बारे में जानकारी देने से बच रहा है।





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