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अब पूरी गर्मी कोर्ट में काले कोट से छुट्टी

बिलासपुर. हाईकोर्ट के अधीनस्थ कोर्ट के वकीलों को मई-जून की झुलसाती गर्मी में काला कोट पहनने की मजबूरी नहीं होगी। एक अप्रैल से 30 जून तक काले कोट की छुट्टी कर दी गई है। गर्मी के दिनों में धूप तेज होते ही लोग चेहरा ढंककर बाहर निकलते हैं, तो हल्के सूती कपड़े ही पहनना पसंद करते हैं। इन दिनों में लोग कोट या काले कपड़े पहनने से बचना चाहते हैं, लेकिन जिला कोर्ट, तहसील व अन्य ट्रिब्यूनल कोर्ट के वकीलों को ड्रेस कोड के कारण मजबूरी में काला कोट और पेंट पहनना पड़ता था।

सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट में एयर कंडीशनर की सुविधा होने के कारण यहां के वकीलों को कोई परेशानी नहीं होती थी। सबसे ज्यादा परेशानी हाईकोर्ट के अधीनस्थ न्यायालय के वकीलों को होती थी। इस बीच केवल 15 मई से 15 जून तक ही उन्हें राहत मिलती थी। इस पर कोर्ट ने राहत देते हुए 1 अप्रैल से 30 जून तक काला कोट पहनने की छूट दे दी गई है। इस दौरान वकील काला, सफेद या ग्रे पेंट के साथ कालर वाली सफेद शर्ट पहनेंगे।

इस बीच उन्हें बेंड लगाना अनिवार्य होगा। वकीलों के लिए यह राहतभरा फैसला है। जिला कोर्ट, तहसील आदि में एसी की सुविधा नहीं होने के कारण पहले वकीलों को गर्मी में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कोट पहनने से अधिक गर्मी लगने के साथ-साथ उष्मा भी अवशोषित करती थी। ऐसे में परेशानी दोगुनी हो जाती थी। स्टेट बार कौंसिल ने 2006 में भेजे गए पत्र के मुताबिक किसी तरह की नई फेरबदल तक यह व्यवस्था लागू रहेगी। इस संबंध में वकीलों का कहना है कि काला कोट न पहनने की छूट से उन्हें काफी राहत मिलेगी।

जिला अधिवक्ता संघ के हेमंत दिघ्रस्कर ने बताया कि पहले उन्हें तेज गर्मी में भी कोट पहनना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी। सफेद शर्ट पहनने से तेज धूप व गर्मी का अहसास कम होगा। वकील जयप्रकाश शर्मा का कहना है कि अप्रैल से ही गर्मी तेज पड़ने लगती है। समर वेकेशन में ही यह सुविधा रहती थी। अब अप्रैल से जून तक राहत मिल सकेगी।

हाईकोर्ट में समर वेकेशन 12 मई से

हाईकोर्ट में 12 मई से 13 जून तक समर वेकेशन दी जाएगी। इस बीच कार्यालयीन कार्य होंगे। महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई के लिए वेकेशन जज रहेंगे। जिला कोर्ट में 15 मई से 15 जून तक समर वेकेशन होगा।





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