नई दिल्ली: अब मास्टरजी इंटरनेट पर अपने छात्रों की कॉपी हाथों-हाथ चेक कर सकेंगे। अमेरिकी मूल की लेकिन भारतीय सॉफ्टवेयरों के एक समूह की कंपनी ‘युगमा’ ऐसा सॉफ्टवेयर लेकर भारतीय बाजार में आ रही है।
कंपनी अपनी इस विशेष सेवा के लिए देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों समेत कई शिक्षण संस्थानों से बातचीत कर रही है। कंपनी का दावा है कि वह अगले एक साल के भीतर भारतीय बाजार में 20 करोड़ डालर तक का कारोबार करने में सक्षम होगी।
कंपनी के अध्यक्ष और सीईओ लिंगराज मिश्रा ने बताया, ‘दुनिया में फिलहाल कई ऐसे सॉफ्टवेयर हैं, जिसमें आप अपनी ऑन लाइन फाइल व दस्तावेज किसी को दिखा सकते हैं। फिर भी ऐसा कोई सॉफ्टवेयर नहीं है, जिसमें दूसरा व्यक्ति पहले की कॉपी को ऑन लाइन रहते हुए ठीक कर सके। ऐसा करने के लिए उस व्यक्ति को पहले अपनी फाइल कंप्यूटर पर बंद करनी होगी, जो उसमें सुधार कराना चाहता है। हमारे सॉफ्टवेयर में खासियत है कि दोनों व्यक्ति ऑन लाइन रहते हुए अपनी कॉपी चेक ही नहीं करा सकते बल्कि उसमें सुधार भी कर सकते हैं।’
मिश्रा के अनुसार, हमारे सॉफ्टवेयर का उपयोग करने वाला होस्ट एक बार में 500 लोगों की कॉपी व दस्तावेज एक साथ अपने कंप्यूटर पर देखकर ठीक कर सकता है। इसके अलावा अगर होस्ट चाहे तो जो अन्य लोग इस चेकिंग के दौरान ऑनलाइन होंगे, वे भी किसी कॉपी में सुधार के लिए अपने कंप्यूटर का प्रयोग कर सकेंगे।