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टिकट का डर और चुनावी सीख, हो गई कार्यसमिति

जयपुर. जयपुर के विद्याधर नगर स्थित उत्सव भवन में दो दिनी भाजपा कार्यसमिति संपन्न हो गई। बेमौसम की बारिश ने बाहर ठंडक घोल रखी थी, भीतर चुनावी सरगर्मी थी। सोमवार को पहले दिन लालकृष्ण आडवाणी प्रमुख वक्ता थे, दूसरे दिन वैंकय्या नायडू।

नायडू के बाद मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी बोलीं। तीनों ने कभी टिकट काटने का डर बताया, तो कभी चुनावी नुस्खे दिए। चुनावी मौसम था इसलिए कार्यकर्ता को सर्वोपरि मानने की सीख सभी ने दी। राजस्थान के चुनाव प्रभारी वैंकेया नायडू ने कहा कि टिकट मिले या नहीं, परवाह नहीं करें, घबराए नहीं। क्षेत्र में लोकप्रियता, काम, व्यवहार, पकड़, उपलब्धियों का ग्राफ बेहतर होगा तो टिकट स्वत: ही मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा में ‘प्रेसिडेंट प्रिसाइड एंड टीम डिसाइड’ का नियम चलता है।

क्षेत्रों के लिए हिदायत :

नायडू ने सांसदों, विधायकों और सभी स्तर के पदाधिकारियों को हिदायत दी कि वे क्षेत्र में विकास कायरे को सुनिश्चित करने के साथ बूथ कमेटियों के गठन के व महंगाई के चार्ट लगाएं और कार्यकर्ताओं की बैठकें आयोजित करें। वसुंधरा को जिताओ : नायडू ने कार्यकताओं को कहा कि मिशन 2008 के तहत चुनाव में पहले राजस्थान और फिर लोकसभा के लिए जीत दर्ज करवानी है। केन्द्र में लालकृष्ण आडवाणी को प्रधानमंत्री बनाना और राजस्थान में वसुंधरा राजे को जिताना है। नायडू ने महंगाई के लिए केन्द्र की यूपीए सरकार को जिम्मेदार बताया।

पुराने क्षेत्र पर ही ध्यान दें : वसुंधरा

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने संबोधन में उन विधायकों को स्पष्ट चेतावनी दी है, जो परिसीमन के बाद अन्य क्षेत्र पर नजरें गड़ाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र ने जिताया है, उसी पर ध्यान दें। उसमें काम कराएं, लोगों की समस्याएं जानें और उनका समाधान कराएं। वसुंधरा ने विकास कार्यो पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चार वर्षो के बजट में 854 क्रियान्विति लायक बिंदु थे, जिसमें से 568 क्रियान्वित हो गए और रनिंग में 254 बिन्दु हैं, जबकि 31 ऐसे हैं जिन पर अभी काम करने की जरूरत है। बीते वर्ष के बजट में 200 से अधिक प्रोजेक्ट के लिए वर्ष समाप्ति से पहले वित्त पोषण कर दिया गया।

भाजपा के घोषणा पत्र में 242 घोषणाएं थीं, उनमें से 176 क्रियान्वित हो र्गई तथा 54 रनिंग में हैं। वहीं, 11 घोषणाएं लंबित हैं, जिनमें छह प्रकरण केन्द्र के पास रुके हैं और एक रिजर्व बैंक के पास अटका हुआ है। चार अन्य भी ऐसे ही अटके हुए हैं। राजस्थान अब बीमारू नहीं रहा। नर्मदा का पानी राज्य में विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।

जाति की बेड़ी :

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज राजस्थान में कोई बेड़ी है तो वह है जाति की बेड़ी। भाजपा किसी जातिवाद में विश्वास नहीं करती। यहां सिर्फ दो ही जातियां हैं- पुरुष और महिला। राज्य में महिला और युवाओं को महत्व दिया जाता है तो इस पर किसी को बुरा नहीं मानना चाहिए। यह तो पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया एक कदम है।

कार्यकर्ताओं का सम्मान :कार्यसमिति बैठक के समापन से पहले इसके आयोजन में सक्रिय सहयोग करने वाले सभी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।





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