जयपुर. सांवलियाजी में भाजपा प्रदेश कार्य समिति का बहिष्कार करने वाले गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया मंगलवार को जयपुर में अपनी ही पार्टी पर बरस पड़े।
प्रदेश कार्य समिति की दो दिवसीय बैठक के समापन सत्र में राजनीतिक प्रस्ताव पर कटारिया ने पार्टी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि महंगाई-महंगाई चिल्लाने से ही विरोध नहीं होता। हमें एनडीए और यूपीए सरकार का तुलनात्मक चार्ट देना होगा, ताकि कार्यकर्ता और जनता महंगाई की असलियत समझ सकें। कटारिया ने कहा कि महंगाई के मुद्दे को न केवल राजनीतिक प्रस्ताव में शामिल किया जाए, इसका चार्ट बनाकर कार्यकर्ताओं को दिया जाए।
प्रत्येक चौराहे पर होडिर्ंग लगाए जाएं ताकि लोग इन्हें पढ़कर जान सकें कि यूपीए सरकार में आम जरूरत की चीजों के दामों में कितनी बढ़ोतरी हुई है। कटारिया जब महंगाई के मामले में पार्टी पर बरस रहे थे तो हॉल में सन्नाटा छाया हुआ था और सब सकते में थे। राजनीतिक प्रस्ताव पर कटारिया के साथ भाजपा प्रदेश मंत्री गंगासिंह राजपुरोहित और शील धाभाई ने भी विचार व्यक्त किए।
संसद हमले के आरोपी को बचाया जा रहा है
केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुए कटारिया ने कहा कि पोटा कानून को हटाकर और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी संसद पर हुए हमले के आरोपी को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। केन्द्र सरकार आतंकवादियों पर अंकुश लगाने के बजाय उन्हें संरक्षण दे रही है।
इनका कहना है
राजनीतिक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मैंने तो केवल अपने विचार रखे थे और जहां तारीफ करनी थी, वहां तारीफ भी की। इसके अलावा कुछ सुझाव भी देने थे, जो दिए।
- गुलाबचंद कटारिया, गृहमंत्री