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कोडबुक ढूंढ रही पुलिस

इंदौर. पुलिस को सिमी सरगनाओं की कोडबुक अभी तक हाथ नहीं लग पाई है। इसके लिए दो बार श्यामनगर के मकान को खंगाला जा चुका है। अन्य स्थानों पर भी तलाश की जा रही है। उधर, पुलिस ने सोमवार रात सिमी के मददगार एक अन्य व्यापारी को गिरफ्तार कर लिया। सिमी के लीडरों को किराए पर मकान देने वाले श्यामनगर के हाजी अब्दुल गफ्फार के मकान पर सोमवार रात पुलिस ने दोबारा चैकिंग की।

सभी सरगना इसी मकान से गुरुवार तड़के पकड़े गए थे। तब पुलिस ने वहां से 7 पिस्टल, 37 कारतूस, कुछ प्रमुख शहरों के नक्शे, नकाब और दस्ताने जब्त कर गफ्फार से ही ताला लेकर तीसरी मंजिल के कमरों को लॉक कर चाबी अपने पास रख ली थी। सोमवार को वर्दी में पहुंचे 5-7 पुलिसकर्मियों ने फिर से तीसरी मंजिल के दो कमरों तथा हॉल को खंगाला और जाते समय सभी को सील कर गए। पुलिस वहां क्या ढूंढने गई थी इसकी अधिकृत जानकारी तो नहीं दी गई, लेकिन सूत्रों से पता चला कि पुलिस को 13 सरगनाओं से, एमजी रोड और खजराना में पकड़े गए धन देने वालों से तथा उन्हेल के पांच कार्यकर्ताओं से जितनी भी सामग्री व मोबाइल सिम मिली हैं, उनमें बहुत सी जानकारियां कोड भाषा में हैं।

सिम के कुछ फोन नंबरों को तो पुलिस ने काफी हद तक ट्रेस कर लिया हैं, लेकिन बहुत से नंबर व दस्तावेजों की पूरी जानकारियां नहीं मिल पा रही हैं। इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण सिमी की वह कोडबुक है, जिसके हाथ आते ही इससे भी बड़े भंडाफोड़ की उम्मीद है।

बोरिंग के ढक्कन बनाने वाला सिमी मददगार गिरफ्तार

सफदर व उसके साथियों से मिली सिमी मददगारों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने रफीक पिता नूर मोहम्मद (40) निवासी गरीब नवाज कॉलोनी, छोटा बांगड़दा को गिरफ्तार किया। उसके घर से आपत्तिजनक साहित्य, पेम्पलेट, प्रमुख शहरों तथा स्थानों के नक्शे जब्त किए गए। एसपी अंशुमान यादव ने बताया रफीक बोरिंग के ढक्कन बनाकर बेचने का व्यापार कर गुप्त रूप से सिमी के लिए धन जमा करता था।

उसे वर्ष 2000 और 2001 में अब्दुल, आजिल, गुलरेज तथा इरफान के साथ खजराना व एरोड्रम पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह हर कुछ माह में अन्य सदस्यों से मिलने झालावाड़ जाया करता था। इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने खजराना से 3, सदर बाजार व छोटी ग्वालटोली से 2 तथा चोरल के पास ग्राम अरौदा से 5 सिमी मददगारों को पकड़ा है, जिनकी गिरफ्तारी नहीं बताई जा रही है। इनमें सदरबाजार और छोटी ग्वालटोली के युवक कुख्यात बताए गए हैं।

आसपास के सभी जंगल खंगाले

चोरल में सिमी का कैम्प मिलने के बाद पुलिस ने अपने स्तर पर जिले के सभी जंगलों की छानबीन शुरू कर दी है। अन्य शहरों में तथा राच्यों ने सिमी के कैम्प की जानकारियां मिलने पर संबंधित पुलिस को भी सूचित किया जा रहा है। सोमवार रात तक हैदराबाद पुलिस के डीआईजी, एसपी, 1 डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर और उत्तर प्रदेश पुलिस से आईजी व उससे ऊपर की रेंक के कुछ अफसर भी इंदौर पहुंच गए हैं। भोपाल क्राइम ब्रांच को भी बुलाया गया है। वहीं केरल, कर्नाटक, नागपुर तथी यूपी (एटीएस) की टीमें अपने स्तर की पूछताछ कर इंदौर से रवाना हो गईं हैं।





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