इंदौर. प्रस्तावित दाहोद-इंदौर रेल लाइन के लिए निर्माणाधीन इंदौर-खलघाट फोरलेन रोड को पीछे नहीं हटना पड़ेगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के ठोस तर्को ने पश्चिम रेलवे को बैकफुट पर ला खड़ा किया है। उसने तय किया रेल लाइन का अलाइनमेंट ही बदला जाए। दोनों के अलाइनमेंट महू तहसील के बंजारी गांव में चार सौ मीटर दूरी में तीन जगह क्रॉस हो रहा था।
‘दैनिक भास्कर’ ने 18 मार्च को रेलवे और एनएचआईए के बीच समन्वय की कमी उजागर की थी। तब रेलवे ने इंदौर-दाहोद रेल लाइन के लिए इंदौर-खलघाट फोरलेन पीछे हटाने का लिखा था। उसके बाद 31 मार्च को रेलवे और एनएचएआई अधिकारियों ने एसडीएम धार के साथ बैठक की और बंजारी का दौरा किया। वहीं तय किया फोरलेन नहीं हटाया जा सकता इसलिए रेल लाइन का अलाइनमेंट ही बदला जाए। इसके लिए रेलवे को बंजारी (महू) के 30 मकान व जमीनें अधिग्रहित करना पड़ेंगी जिसके लिए ढाई करोड़ का मुआवजा देना होगा।
रेल लाइन की लागत आठ गुना से भी ज्यादा
इंदौर-खलघाट फोरलेन 77.64 करोड़ की लागत से बन रही है जबकि दाहोद-इंदौर रेल लाइन की लागत 658 करोड़ रुपए आंकी गई है।
रेलवे का पक्ष
रेलवे ने 1991 में कलेक्टर एस.आर. मोहंती को बंजारी की जमीन दाहोद-इंदौर रेल लाइन के लिए सुरक्षित रखने के लिए पत्र लिखा था। 2002 में कलेक्टर मोहम्मद सुलेमान को भी इसी आशय का पत्र लिखा गया।
सब नियमानुसार
एनएचएआई की प्रोजेक्ट इम्प्लिमेंट यूनिट के डिप्टी जीएम (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) आशीष असाटी ने कहा फोरलेन का काम नियमानुसार ही हो रहा है। एनएचएआई और रेलवे अधिकारियों ने एसडीएम, धार के सामने पक्ष रख दिया है। सड़क निर्माण शुरू हो गया है इसलिए दाहोद-इंदौर रेल लाइन का अलाइनमेंट ही बदलना पड़ेगा।
प्रोजेक्ट की लागत बढ़ा दी
दाहोद-इंदौर रेल लाइन का काम देख रहे पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.सी.चौहान ने बताया सोमवार दोपहर बंजारी के संयुक्त दौरे में यह बात सामने आई कि जो भी करना होगा दिल्ली स्तर पर मंत्रालय ही करेंगे। वहां बात की तो मामला लंबा खींच जाएगा इसलिए हमने तत्काल प्रोजेक्ट कास्ट ढाई करोड़ रुपए बढ़ा दी।