इंदौर. आईपीएस एकेडमी की छात्रा खुशबू गुप्ता का सोमवार रात शव लेकर जा रहे वाहन को सीहोरा और शहडोल के बीच एक ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे वाहन 21 फीट गहरे गड्ढे में गिर गया और उसमें सवार लोग घायल हो गए। बाद में उन्हें वैन से रवाना किया गया।
खुशबू सोमवार दोपहर होंडा एक्टिवा से घर लौट रही थी तभी उसे एक ट्रक ने कुचल दिया था जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रात 9.30 बजे जिला अस्पताल से खुशबू का शव लेकर उसके जीजाजी वीरेंद्र गुप्ता और दो अन्य लोग तूफान ट्रैक्स से निवास शहडोल के लिए रवाना हुए। मंगलवार सुबह ११ बजे कटनी से ६क् किलोमीटर पहले सीहोरा और गोशाला के बीच सामने से आ रहे ट्रक ने उनके वाहन को टक्कर मार दी। इससे ट्रैक्स २१ फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी।
इस संबंध में आईपीएस के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट ऑफिसर अतुल एम. भरत का कहना है शव ले जा रहे आईपीएस के वाहन को ट्रक ने टक्कर मार दी। इससे वह २१ फीट गहरे गड्ढे में गिरा लेकिन शव के साथ जा रहे लोगों को कोई गंभीर चोट नहीं है।
छात्र-छात्राओं का हंगामा
आईपीएस एकेडमी फार्मेसी कॉलेज में मंगलवार दोपहर छात्र-छात्राओं ने खुशबू की मौत के मामले में कुछ प्रोफेसरों के घटनास्थल व अस्पताल नहीं पहुंचने के मामले में जमकर हंगामा मचाया। छात्र-छात्राओं का कहना है मौत के बाद हम घटनास्थल पर पहुंचे और जिला अस्पताल भी गए। जहां पोस्टमॉर्टम को लेकर कुछ अफसरों से तकरार भी हुई। इसे लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा हुआ। वहीं दुर्घटना के बाद चक्काजाम करने वाले 40 छात्रों व अन्य लोगों पर राजेंद्रनगर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
बढ़ती दुर्घटनाओं पर बिफरे लोग
सोमवार को ए.बी. रोड पर हादसे के बाद अव्यवस्थित यातायात को लेकर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। लंबे समय से इस मार्ग पर स्पीड ब्रेकर व यातायात पुलिस जवान की तैनाती की मांग की गई लेकिन अमल नहीं किया गया। इस मार्ग के आसपास बसी कॉलोनियों के लोगों केमुताबिक अकसर यहां दुर्घटनाएं होती रहती है। वाहन चालक ओवरटेक करते हैं जिससे दुर्घटनाएं होती है।
यहीं रहने वाले मुन्नालाल, रमेश राठौर, मो. असलम, सरदारसिंह, राधा वर्मा, ज्योति गुप्ता के मुताबिक पहले तो ज्यादा दुर्घटनाएं रात को होती थीं क्योंकि सड़कें सुनसान होने से वाहन तेज गति से गुजरते हैं। पिछले तीन साल से दिन में भी दुर्घटनाएं बढ़ी है। इसका कारण है मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ना। लोगों के मुताबिक जब भी इस मार्ग पर दुर्घटना हुई तो स्पीड ब्रेकर व जवान तैनाती की बात कही जाती रही लेकिन अमल नहीं किया गया।