इंदौर. गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज (जीएसीसी) में परीक्षा के दौरान यूनिवर्सिटी की निरीक्षण टीम के एक सदस्य की इनविजिलेटर से नकल प्रकरण बनाने को लेकर खासी बहस हुई। आरोप है कि उसके बाद इनविजिलेटर के डीएसपी पति ने उस सदस्य के साथ फोन पर गाली-गलौज की। उसके बाद उस सदस्य और प्रोफेसर साथियों ने भंवरकुआं थाने पहुंचकर डीएसपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। साथ में मूल्यांकन का बहिष्कार भी कर दिया।
यूनिवर्सिटी की टीम सुबह 9.30 बजे जीएसीसी पहुंची। उसके सदस्य प्रोफेसर सुरेश सिलावट ने कमरा नंबर जीबी-2 में दो नकल प्रकरण बनाए। वहां सत्यप्रभा चौहान इनविजिलेटर थीं। प्रो. सिलावट के अनुसार करीब 11 बजे श्रीमती चौहान के पति डीएसपी रेलवे एस.एस. चौहान ने फोन किया और नकल प्रकरण बनाने को लेकर गालियां बकते हुए जान से मारने की धमकी दी।
तब प्रो. सिलावट व साथी भंवरकुआं थाने पहुंचे और श्री चौहान के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का प्रकरण दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने उन्हें शिकायत दर्ज कर जांच करने को कहा। नाराज प्रोफेसरों ने तक्षशिला कैम्पस के मूल्यांकन केंद्र पर काम ठप कर दिया। रजिस्ट्रार आर.डी. मूसलगांवकर व सब रजिस्ट्रार राजेंद्रसिंह बघेल समझाने पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। रजिस्ट्रार ने कहा मूल्यांकन का नुकसान न करें। रिपोर्ट यूनिवर्सिटी की ओर से रिपोर्ट दर्ज करा दी जाएगी।
बदसलूकी की थी इसलिए..
श्रीमती चौहान के मुताबिक प्रो. सिलावट ने नकल प्रकरण बनाने के दौरान बदसलूकी की इसलिए मैंने पति को फोन लगाया।
नकल का प्रकरण क्यों बनाया?
श्री चौहान के मुताबिक मैंने फोन पर प्रो. सिलावट से बदसलूकी करने का कारण पूछा था, धमकी नहीं दी। बदसलूकी तो उन्होंने की जिसकी शिकायत जीएसीसी प्राचार्य व भंवरकुआं थाने पर की गई। मेरी पत्नी ने सोमवार को बतौर इनविजिलेटर एक नकल प्रकरण बनाया था जिस पर प्रो. सिलावट ने मंगलवार को निरीक्षण के समय आपत्ति ली, तब विवाद हुआ।
आपत्ति अपशब्द पर
प्रो. सिलावट के मुताबिक निरीक्षण टीम सहित कॉलेज का स्टाफ गवाह है निरीक्षण के समय श्रीमती चौहान से कोई बात नहीं हुई। उनके डीएसपी पति ने जिस तरह गालियां बकीं और जान से मारने की धमकी दी उस पर आपत्ति है। नियमों के मुताबिक छात्र के साथ इनविजिलेटर पर भी कार्रवाई होना चाहिए। उससे बचने के लिए यह सब किया गया। जीएसीसी के प्राचार्य डॉ. अशोक वाजपेयी व केंद्राध्यक्ष पंकज त्रिवेदी ने बताया निरीक्षण के दौरान कोई विवाद नहीं हुआ। बाद में हंगामा क्यों हुआ, नहीं पता।
10 हजार कॉपियां अटकीं : मूल्यांकन केंद्र पर करीब 250 प्रोफेसर प्रतिदिन दस हजार कॉपियां जांचते हैं। मंगलवार को काम बंद होने से इतनी कॉपियां अटक गईं। रजिस्ट्रार श्री मुसलगांवकर के मुताबिक बुधवार को मूल्यांकन शुरू करवा दिया जाएगा। उधर प्रोफेसर अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। टीआई, भंवरकुआं ब्रजेश कुशवाह ने बताया दोनों पक्षों के आवेदन ले लिए हैं। जांच के बाद प्रकरण दर्ज करेंगे।