इंदौर.
केंद्र सरकार एक तरफ महंगाई रोकने के प्रयास में लगी है वहीं सब्जियां के दाम आम जनता की पहुंच से दूर होते जा रहे हैं। ज्यादातर सब्जियों के दाम अभी तक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके हैं। आवक में भारी कमी देखी जा रही है। इंदौर चोइथराम मंडी में मात्र 15-20 गाड़ियां ही आ रही हैं जबकि आमतौर पर 70-75 गाड़ियां आती हैं।
इस वजह से दाम आसमान छू रहे हैं। राजस्थान से लोकी और भिंडी सीमित आ रही है लेकिन दाम काफी ऊंचे बोले जा रहे हैं। सब्जियों में सबसे महंगी टेंसी, गिलकी, भिंडी बिक रही है। सब्जियों के व्यापार से जुड़े राजू चौहान का कहना है कि पिछले कई सालों में इतने ऊंचे दाम कभी नहीं देखे। कई व्यापारी माल खरीदने से कतरा रहे हैं तो आम जनता का क्या हाल होगा।
टमाटर भी हुआ लाल : रतलाम तरफ से टमाटर की आवक धीरे-धीरे घटने लगी है जिससे कीमतों में एकतरफा बढ़ोतरी देखी जा रही है। टमाटर के थोक विक्रेता सुनील गोगवानी का कहना है कि अगले एक महीने तक टमाटर सस्ता होने की गुंजाइश कम है। उधर, 10-15 रुपए किलो बिकने वाली हरी मिर्ची के दाम दोगुना से ज्यादा हो गए हैं। दिखा रही है। खेरची में इसके दाम 35-40 रुपए प्रति किलो तक चल रहे हैं।
10-15 दिन और नहीं घटेंगे दाम
सब्जियों के थोक विक्रेता फारूक राईन का कहना है कि जनवरी-फरवरी में जिन किसानों के पास पानी की व्यवस्था थी उन्होंने सब्जियां बोई थी जो अगले 10-15 दिनों में बाजारों में आने की संभावना है। उसके बाद ही सब्जियों के दामों में कुछ गिरावट आ सकती है।
महाराष्ट्र से केरी की आवक बढ़ी
महाराष्ट्र में इस बार केरी का उत्पादन अच्छा होने से केरी की आवक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है जिससे इसकी कीमतों में गिरावट आने लगी है। आगे आवक बढ़ने पर और मंदी की संभावना है।