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दिनभर बनाते रहे ‘बुद्धू’

बिलासपुर. b मंगलवार को ‘अप्रैल फूल’ के बहाने लोगों ने एक दूसरे को खूब ‘मामू’ बनाया। मोबाइल व टेलीफोन बेवकूफ बनाने का आसान साधन रहा। सुबह से ही मोबाइलों में फोन आने का दौर शुरू हो गया था। कहीं कोई किसी को अप्रत्याशित घटना की जानकारी दे रहा था, तो दफ्तरों में कोई किसी के ट्रांसफर, नियुक्ति या पदोन्नति का समाचार बता रहा था। हर आदमी एक दूसरे को मूर्ख बनाने की जुगत में लगा था। जो पहले दिन से ही सतर्क था, वह मूर्ख बनने से बच गया। वैसे सुबह-सबेरे अधिक लोगों को ठगते देखा गया। दोपहर के बाद यह सिलसिला कम नहीं हुआ।

दफ्तरों में चला ठगी का दौर: सरकारी दफ्तरों में भी आज ‘अप्रैल फूल’ मनाते देखा गया। कोई कर्मचारी साहब के छुट्टी पर होने की बात कहते हुए दूसरे को बरगलाते रहे, तो कोई घर से फोन आने की बात कह कर ठगते रहे। बाद में पता चलता कि उसे ‘अप्रैल फूल’ बनाया गया है।

महिलाएं भी नहीं रही पीछे: ठगने में महिलाएं भी पीछे नहीं रही। एक दूसरे को अन्यत्र बुलाने की बात कहकर भेजने में वे माहिर दिखीं। उन्होंने टिफिन में पत्थर व मिट्टी भरकर भी एक अप्रैल का मजा लिया।

..और वह रोती रही: सरकंडा, शिवघाट के पास रहने वाली ६५ वर्षीय ममादाई को रोने की बड़ी आदत है। मोहल्ले में हो या रिश्तेदरी में अगर किसी का निधन हो जाए, तो उसके रोए बिना बात नहीं बनती। इस बुजुर्ग महिला को लोगों ने शोक संदेश सुनाकर खूब रुलाया। असलियत जानने पर वह उन्हें गालियां देती रही।

एक तीर से दो निशाने: आज पत्नियों को पतियों ने मूर्ख बनाया। तेलीपारा निवासी एक युवक ने बताया कि वह अपनी पत्नी को आज मूर्ख बनाकर आ रहा है। वह कह रहा था कि उसे पत्नी के हाथों के बने गुझिये अच्छे लगते हैं, पर झंझट से बचने के लिए पत्नी गुझिये नहीं बनाती, हमेशा टाल जाती है। संयोग से यही शौक उसके साले को भी है। इसलिए उसने पत्नी से कह दिया कि दोपहर को साला घर आ रहा है, वह खाना भी यहीं खाएगा।

युवक के अनुसार इसी बहाने आज उसे पत्नी के हाथों बने गुझिये खाने के साथ उसे अप्रैल फूल मनाने का अवसर भी मिल गया। हालांकि बाद में डांट भी खानी पड़ी। इसी तरह सरकंडा में रहने वाला एक आदमी पत्नी को कान की बाली लाने की बात कहकर घर से निकला था। शाम को जब वह लौटा, तो पत्नी इंतजार में बैठी थी। पति ने घर पहुंच कर ‘अप्रैल फूल’ कहा, तो वह भड़क उठी।

वह इंतजार करती रही: सिंधी कालोनी निवासी कीर्ति के घर सुबह-सुबह उसकी सहेली का फोन आया। उसने बताया कि उसके घर का कोई पता पूछ रहा था, उसे पता बताकर भेज दिया है। मेहमान आने के इंतजार में कीर्ति घंटों दरवाजे पर खड़ी रही, पर कोई नहीं आया। बाद में उस सहेली ने ही बताया कि बेवकूफ, आज एक अप्रैल है।

दावत खाने के लिए भूखा रहा: कस्तूरबा नगर में रहने वाले प्रदीप को आज दिनभर भूखा रहना पड़ा। हुआ यह कि उसे एक मित्र ने फोन कर कह दिया कि उसके घर में आज अनुष्ठान है आज वह उसके खाने का निमंत्रण है। दीपक दिनभर भूखा रहा, पर उसे दोबारा बुलावा नहीं आया। घरवालों ने समझाया कि उसे अप्रैल फूल बना दिया गया है तब जाकर उसने ३ बजे घर में खाना खाया।

एफएम ने बनाया ‘पोपटलाल’

94.3 माय एफएम में श्रोताओं ने अप्रैल फूल का खूब मजा लिया। वे तरह-तरह के प्रश्नों का जवाब देकर माय एफएम के ‘पोपटलाल’ बनते रहे। एफएम के प्रोग्राम में सलमान की शादी हो गई, तो कभी मामा-भांचा तालाब ही गायब हो गया। एक के बाद एक चुटीले संवादों के बीच मूर्ख दिवस का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया। आरजे अक्षय ने सुपर मॉल में अक्षय कुमार का इंटरव्यू लिया। इसमें वे खुद अक्षय कुमार बनकर श्रोताओं के सवालों का जवाब देते रहे।





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