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फर्जी एनकाउंटर में 10 लोगों की हत्या

चंडीगढ़14 साल से इंसाफ का इंतजार कर रहे सतवंत सिंह की इच्छा मंगलवार को पूरी हो गई। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका पर आतंकवाद के दौरान 10 बेगुनाह लोगों को फर्जी एनकाउंटर में मार डालने से संबंधित मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब में फर्जी एनकाउंटर के दौरान 10 लोगों की हत्या करने से संबंधित मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है। इस मामले में पंजाब के आईपीएस और पीपीएस रैंक के 4-4 और अन्य रैंक के पांच पुलिसवालों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं। जस्टिस महेश ग्रोवर ने यह निर्देश 14 साल से पैंडिंग पड़ी याचिका पर सुनवाई के बाद दिए।

सीबीआई को नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर जांच करने को कहा गया है। यह याचिका फिरोजपुर के तलवंडी भाई गांव के सतवंत सिंह ने दायर की थी। सतवंत पंजाब पुलिस में कांस्टेबल था और उग्रवाद के दौर में खुफिया जानकारी एकत्रकर उसने कई आतंकियों को पकड़वाया था। उसका आरोप है कि मोगा में उसकी कैट (आतंकियों के बीच मुखबिर) के रूप में नियुक्ति के दौरान सीआई स्टाफ मोगा, थाना मोगा और थाना मेहना में फरीदकोट व फिरोजपुर जिलों के कुछ लोगों को यातना दी गई और बाद में सात पुलिसवालों ने फर्जी मुठभेड़ में उनकी हत्या कर दी। ये मुठभेड़ 1991 से 1994 के बीच हुई। मारे गए लोगों में निर्मल सिंह, बलजीत सिंह, कुलवंत सिंह, बलजिंदर सिंह, करतार सिंह, बहल सिंह, सतवंत सिंह, गुरमुख सिंह, गुरचरण सिंह, नच्छतर सिंह शामिल थे।

वाहवाही बटोरी

सतवंत का आरोप है कि आरोपी पुलिस अफसरों ने न केवल इन निदरेष लोगों के शवों को खुर्दबुर्द कर दिया, बल्कि इस मामले में प्रशंसा-पत्र और मैडल भी हासिल किए। उसने अपनी बात साबित करने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में जमा करवाई जिसके मुताबिक गोली इन लोगों के सिर या छाती में मारी गई और वह शरीर के पार निकल गई।

शिकायत करने पर फंसाया

सतवंत के अनुसार, जब उसने इसकी शिकायत करनी चाही तो वरिष्ठ अफसरों से लेकर निचले रैंक तक के पुलिसकर्मियों ने उसे दबाने का प्रयास किया। उसे कई संगीन मामलों में फंसाकर टॉर्चर किया गया। उस पर अवैध हथियार रखने का आरोप लगाया गया जबकि कैट बनने पर उसे रिवॉल्वर पुलिस ने ही दिया था। परेशान होकर 1994 में उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की। इस याचिका पर अब 14 साल बाद सुनवाई हुई है।

इन अफसरों पर हैं आरोप

अफसर उस समय थे अब क्या हैं

बख्शी राम, आईपीएस डीएसपी डीआईजी (रिटायर्ड)

जसविंदर सिंह, आईपीएस एसएसपी फरीदकोट आईजी

एम.के. तिवारी, आईपीएस एसएसपी फरीदकोट आईजी

ईश्वर चंद्र, आईपीएस एसएसपी फरीदकोट डीआईजी (पीएपी जालंधर)

बच्चन सिंह, पीपीएस डीएसपी एसपी (बॉर्डर रेंज)

अनन्य गौतम, पीपीएस एसपी (ऑपरेशन) एसपी (सीएम सिक्योरिटी)

केबी सिंह, पीपीएस ------- डीएसपी (रिटायर्ड)

सुरजीत सिंह, पीपीएस ------- एसपी (रिटायर्ड)

ये नॉन गजटेड अफसर भी शामिल

दर्शन सिंह ------- एसआई (रिटायर्ड)

दलविंदर सिंह हैड कांस्टेबल एएसआई

हरदयाल सिंह एसआई इंस्पेक्टर

गुरदेव सिंह हैड कांस्टेबल एएसआई

ओमप्रकाश हैड कांस्टेबल एएसआई





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