भोपाल. प्रदेश में बिजली के दाम में मामूली वृद्धि हो रही है। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं का नियत प्रभार दस रुपए प्रति किलोवाट बढ़ाया गया है। औद्योगिक श्रेणी की बिजली दर कुल 9 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाई गई है। गैर घरेलू श्रेणी की बिजली दर 8 पैसे प्रति यूनिट कम कर दी गई है। किसानों को नए टैरिफ में सब्सिडी के बाद 45 से 60 पैसे की छूट मिलेगी। सरकारी स्कूलों को भी 45 पैसे की छूट दी गई।किसानों के लिए बिजली की दर 15 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाई गई है, लेकिन राज्य शासन द्वारा दी गई सब्सिडी के बाद उन्हें पिछले साल के मुकाबले 45 से 60 पैसे प्रति यूनिट की छूट मिल गई है।
मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष जेएल बोस ने मंगलवार को नए वित्त वर्ष का टैरिफ घोषित किया। मध्यप्रदेश में बिजली की औसत कीमत 3.69 रु प्रति यूनिट हो गई है, जो गत वर्ष से 9 पैसे अधिक है।
घरेलू उपभोक्ता: -100 यूनिट से अधिक खपत वाले शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को अब नियत प्रभार में 10 रुपए प्रति किलोवाट अधिक भुगतान करना होगा। बिजली की दर में बदलाव नहीं किया गया है। 100 यूनिट से अधिक की खपत पर दर 3.50 रुपए प्रति यूनिट है। -30 यूनिट तक की खपत वाले लाइफ लाइन श्रेणी के लिए दर पूर्ववत 2.65 रुपए प्रति यूनिट रखी गई है।
-50 यूनिट तक की खपत वाले उपभोक्ताओं को भी पहले की तरह 2.70 रुपए प्रति यूनिट देना होगा।
-100 यूनिट तक की खपत वाले उपभोक्ताओं की दर भी पूर्ववत 3.05 रुपए प्रति यूनिट होगी।
गैर घरेलू श्रेणी में आठ पैसे की छूट
-इस श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दर 5.37 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है, जो पिछले टैरिफ 5.45 रुपए से 8 पैसे कम है।
-इस श्रेणी के उपभोक्ताओं को मांग आधारित टैरिफ का विकल्प भी दिया गया है। ऐसी स्थिति में बिजली दर 4.30 रुपए प्रति यूनिट होगी। नियत प्रभार अलग से देना होगा।कृषि उपभोक्ता
-सभी श्रेणी के कृषि उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में 15 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है
-राज्य शासन द्वारा की गई सब्सिडी की घोषणा के बाद पहले 300 यूनिट तक की खपत पर किसानों को 1.20 रुपए प्रति यूनिट के बजाय 75 पैसे देना होंगे। 500 यूनिट तक 1.70 रुपए प्रति यूनिट के बजाय 75 पैसे देना होंगे। 500 यूनिट से अधिक खपत पर 1.70 रुपए प्रति यूनिट की बजाय 1.10 रुपए देना होंगे। इस हिसाब से किसानों के लिए बिजली 60 पैसे प्रति यूनिट तक सस्ती हो गई है।
औद्योगिक
-औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए नियत प्रभार 10 रुपए प्रति केवीए प्रति माह बढ़ाया गया है।
-बिजली की कीमत में 9 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है।
-गैर औद्योगिक श्रेणी वाले एचटी उपभोक्ताओं के नियत प्रभार में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
नगरीय निकायों को महंगी मिलेगी बिजली
-सार्वजनिक जलप्रदाय व्यवस्था के लिए नियत प्रभार में 20 रुपए की वृद्धि की गई है
-नगरीय निकायों के लिए बिजली दर में 15 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोत्तरी
-स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन पर नियत प्रभार में 10 रुपए प्रति किलोवाट और बिजली दर में 10 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि
सरकारी स्कूलों को 45 पैसे प्रति यूनिट की छूट
अब तक गैर घरेलू श्रेणी का टैरिफ दे रहे सरकारी स्कूलों के लिए इस बार अलग दर तय की गई है। सरकारी स्कूलों के लिए बिजली दर 5 रुपए प्रति यूनिट तय की गई है। यह दर पिछले साल से 45 पैसे कम है। गैर घरेलू श्रेणी की नई दर के मुकाबले भी सरकारी स्कूलों को 37 पैसे की छूट मिली है।
बल्क कनेक्शन ले सकेंगे शापिंग माल
औद्योगिक (एचटी) श्रेणी में आने वाले शापिंग माल के लिए इस बार अलग उप श्रेणी बनाई गई है। शापिंग माल के प्रमोटर या व्यवसायी चाहें तो उन्हें बल्क कनेक्शन दिया जा सकता है। इसके लिए उन्हें एक अनुबंध करना होगा।
बिजली टैरिफ की अन्य विशेषताएं
-शहरी क्षेत्रों में निम्न दाब उद्योगों के लिए स्थायी प्रभार 5 रुपए प्रति हार्स पावर घटा दिए गए हैं।
-25 अश्व शक्ति से अधिक के निम्न दाब उद्योगों के स्थायी प्रभार में दस प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
-समस्त उपभोक्ताओं को अग्रिम भुगतान पर छूट 0.5 प्रतिशत से बढ़ा कर एक प्रतिशत कर दी गई है।
-किसानों द्वारा ऊर्जा बचत यंत्रों की स्थापना करने पर ऊर्जा प्रभार में छूट में डेढ़ गुना वृद्धि। नगरीय निकायों को भी इन उपायों पर अब पहले से अधिक छूट मिलेगी।