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गर्मी में तप रहा है ठंडक का बाजार

भोपाल.b गर्मी का मौसम राजधानी के बाजार के लिए करोड़ों रुपए के बिजनेस का पर्याय है। यहां के कुछ व्यवसायियों को गर्मी का बेसब्री से इंतजार रहता है। एयर कंडीशनर, कूलर, आईसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक्स, सन ग्लास, कैप और फल आदि का शहर में रोजाना लाखों रुपए का व्यवसाय होता है। अप्रैल की शुरुआत से ही शहर में गर्मी से राहत देने वाली विभिन्न वस्तुओं की मांग में खासा इजाफा हो जाता है। व्यवसायियों के मुताबिक साल भर में इतनी कमाई नहीं होती जितनी अप्रैल से जून तक के तीन महीनों में हो जाती है।

एयर कंडीशनर/कूलर : दोगुना कारोबार

गर्मी से निजात पाने के लिए इस समय मिडिल क्लास और अपर मिडिल क्लास में एयर कंडीशनर की खासी मांग है। बाजार में जगह-जगह नागपुरी कूलर भी बिक रहे हैं। एमपी नगर स्थित एसी वल्र्ड के अखिलेश पांडे बताते हैं कि आम दिनों के मुकाबले गर्मी में एसी का बिजनेस दोगुने से भी ज्यादा हो जाता है। सबसे ज्यादा डिमांड डेढ़ टन के एसी की होती है। ज्यादातर लोग घर पर लगाने के लिए इसी का उपयोग करते हैं।

इधर कूलर बाजार में भी खास बूम है। जगह-जगह कूलर की दुकानें लग गई हैं। सूत्रों के मुताबिक भोपाल में रोजाना दो से तीन लाख रुपए से ज्यादा के कूलर बिकते हैं। इन दिनों दफ्तरों में नागपुरी कूलर की डिमांड बढ़ गई है। फाइबर बाडी वाले कूलर की कीमत लोक कूलरों से तीस प्रतिशत तक ज्यादा है। कूलर विक्रेता डीके साहू ने बताया कि बाजार में कूलर दो हजार से 18 हजार रुपए तक की रेंज में है।

स्पलिट एसी की ज्यादा पूछपरख

बाजार में मुख्य रूप से विंडो और स्पलिट एसी की मांग ज्यादा है। विभिन्न कंपनियों के डेढ़ टन के एसी की कीमत 23 हजार से 26 हजार रुपए तक है। इसमें घरेलू और कमर्शियल पर्पर के एसी शामिल हैं। इस समय विभिन्न शोरूमों में कैसेट एसी की मांग भी बढ़ी है जो सीलिंग पर लगता है। डेढ़ टन के इस एसी की कीमत करीब पचास हजार रुपए होती है।

बिजली के बिल का रखे ध्यान

एसी विशेषज्ञों के मुताबिक 100 स्काव्यर फुट के कमरे में एक टन का एसी लगता है। अगर रोजाना आठ घंटे डेढ़ टन का एसी चलाया जाए तो बिजली का बिल 800 से हजार रुपए मासिक तक आता है। खास बात यह है कि एसी का इंस्टालेशन किसी विशेषज्ञ से ही करवाना चाहिए नहीं तो बार बार गैस भरवाने की समस्या आती है। आजकल बायो स्लीप मोबाइल की डिमांड भी है। विशेषज्ञों ने बताया कि एसी के साथ स्टेबलाइजर लगवाना चाहिए। एसी का इंस्टालेशन चार्ज करीब डेढ़ हजार रुपए होता है जो इसकी कीमत में शामिल नहीं होता।

आइसक्रीम की ज्यादा मांग

भोपाल में रोजाना आइसक्रीम का लाखों रुपए का व्यवसाय है। मुख्य रूप से टाप एंड टाउन, दिनशा, वाडीलाल व क्रीम बेल आइसक्रीम की मांग ज्यादा है। कई लोकल कंपनियों का मार्केट भी है। टाप एंड टाउन के एएसएम अलिंद खरे ने बताया कि अप्रैल से आइसक्रीम की मांग बढ़ जाती है। कुल्फी भी खूब बिकती है।

कोल्ड ड्रिंक्स दोगुनी खपत

राजधानी में पेप्सी-कोक और अन्य शीतलपेयों का बिजनेस करीब सात लाख रुपए रोजाना का है। इसके अलावा देशी शीतल पेय जलजीरा, शिकंजी, आम का पना, गन्ने का रस आदि की भी खूब मांग है। यूं तो साल भर ही कोल्ड ड्रिंक्स बिकते हैं पर मार्च के बाद से इसकी खपत दोगुना हो जाती है।

फलों की बहार

भोपाल के फल बाजार में बूम आया हुआ है। इसकी मुख्य वजह है कि जूस की मांग तीन गुना तक होना। फलों की मांग बढ़ने व कीमत ज्यादा न होने से खपत में इजाफा हुआ है। फलों के थोक विक्रेताओं के मुताबिक भोपाल में अंगूर की रोजाना लगभग दस गाड़ियां आती हैं। एक गाड़ी में नौ टन अंगूर आते हैं। इस समय अंगूर की 30 से 40 रुपए प्रतिकिलो तक बिक रहे हैं। भोपाल मे नासिक, पीपरगांव से अंगूर आते हैं। काले अंगूर की मांग भी काफी ज्यादा है।





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