न्यूयार्क.अब चिकित्सकों को सूक्ष्म से सूक्ष्म टच्यूमर के बारे में भी आसानी से पता लग जाएगा।
अमेरिका में भारतीय मूल के वैज्ञानिक संजीव गंभीर की अगुवाई में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक नया इमेजिंग सिस्टम ईजाद किया है।
इसकी सहायता से सूक्ष्म से सूक्ष्म टच्यूमर की पहचान के लिए चिकित्सकों को अब ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। नई चिकित्सा पद्धति के तहत चिकि त्सक रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी का इस्तेमाल करेंगे।
वैज्ञानिकों की टीम ने इस उपकरण की मदद से हजार गुना सूक्ष्म टच्यूमर की पहचान करने में सफलता प्राप्त की है।
जानकारों का कहना है कि रोमन स्पेक्ट्रोस्कापी के सिग्नल मौजूदा चिकित्सा पद्धति की तुलना में ज्यादा मजबूत हैं। इस आविष्कार से जुड़े स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के ‘मोलीक्यूलर इमेजिंग प्रोग्राम’ के निदेशक गंभीर ने बताया, ‘‘मौजूदा चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से हम एक-दो चीजों के बारे में ही पता लगता है।
लेकिन नई पद्धति की सहायता से हम एक बार में 20-30 नई चीजों के बारे में पता लगा सकेंगे।’’