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स्त्री ,पुरूष और समाज

मुंबई.समय के साथ बदल गया महिलाओं और पुरुषों का स्टेटस, लेकिन नहीं बदली दोनों के प्रति समाज की धारणाएं। आज भी पुरुषों और महिलाओं के बारे में कई ऐसी धारणाएं समाज में प्रचलित हैं जो बदले समय के साथ महिला या पुरुष के प्रति सोच को खारिज करती है। आइए कुछ ऐसी ही धारणाओं पर नजर डालते हैं-

स्त्री - महिला जब अपने पति के खिलाफ कंप्लेन करती है।

समाज का नजरिया- वह ऐसे पति को कैसे बर्दास्त कर रही है उसे तो पुलिस स्टेशन में कंप्लेन करना चाहिए तथा अपने राइट के लिए फाइट करना चाहिए।

पुरुष - अपनी पत्नी के खिलाफ कंप्लेन करता है।समाज का नजरिया- इसमें पुरुष की ही गलती है उसकी पत्नी इनोसेंट है। उसने जरूर कोई गलती की होगी। अपना दोष छुपाने के लिए पत्नी पर आरोप लगा रहा है।

स्त्री - जब लड़की अपने बॅायफ्रेंड को थप्पड़ मारती है।

समाज का नजरिया- कितनी शर्म की बात है कि गर्ल फ्रेंडस से मार खाई है।

पुरुष - जब लड़का अपनी गर्लफ्रेंड को थप्पड़ मारता है।

समाज का नजरिया- पागल हो गए हो। तुम्हारे मन में उसके लिए जरा भी रेसपेक्ट नहीं। ऐसे बॉयफ्रेंड्स को तो छोड़ देना चाहिए।

स्त्री- पत्नी जब पति को तलाक देती है।

समाज का नजरिया- जरूर उसका पति उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता होगा। ऐसे पति को तो तलाक दे देना चाहिए।

पुरुष - पति जब पत्नी को तलाक देता है।

समाज का नजरिया- जरूर पति का किसी और से संबंध होगा इसलिए वह पत्नी को तलाक दे रहा है। इतनी अच्छी पत्नी को तलाक देकर उसे पछतावा होगा।

स्त्री - जब लड़की यौन शोषण की शिकायत करती है।

समाज का नजरिया- जिसने ऐसी हरकत की है उसकी पिटाई करनी चाहिए तथा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।

पुरुष- जब लड़का महिला द्वारा यौन शोषण किए जाने की शिकायत करता है।

समाज का नजरिया- कहीं महिला भी इस तरह का शोषण कर सकती है। तुम झूठ बोल रहे हो।

स्त्री - महिला का अगर विवाहेत्तर संबंध है।

समाज का नजरिया- यह उसकी गलती नहीं है। पति से मायूस होकर उसने यह कदम उठाया होगा।

पुरूष- पुरुष का अगर विवाहेत्तर संबंध है।

समाज का नजरिया- उसने अपनी पत्नी को चीट किया है।उसके भावनाओं के साथ खेला है। ऐसे पति को घर से बाहर निकाल देना चाहिए तथा अपने अधिकार के लिए लड़ना चाहिए। पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाना चाहिए।

स्त्री - जब लड़की की शादी हो जाती है।

समाज का नजरिया- क्या तुम हर काम अपने पति के परमिशन से करती हो। यह तुम्हारा अधिकार है कि अपनी मर्जी से जियो।

पुरुष - जब लड़के कीशादी होती है।

समाज का नजरिया- शादी को सफल बनाना है तो बीवी की बातंे मानो।

समाज में हर तरह के स्त्री- पुरुष हैं। सभी की पर्सनैलिटी और सोच अलग-अलग है। समाज में फैली इन पुरानी धारणाओं पर अपनी सोच विकसित न करें, बल्कि अपने तरह से स्त्री-पुरुष को परख कर ही कोई धारणा बनाएं।





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