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क्रिएटिव ढंग से सिखाएंगे एनिमेशन आर्ट

चंडीगढ़.कंप्यूटर के आगे बैठकर माउस पकड़कर डिजाइनिंग करना ही एनिमेशन नहीं है। इस आर्ट को क्रिएटिव ढंग से सिखाएंगे गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आट्र्स-10 के पासआउट स्टूडेंट व एक एनिमेशन कंपनी के मनपाल सेतिया और दिव्या रघुवंशी। इसी पहल में 6 अप्रैल को वे सेक्टर-10 के गवर्नमेंट म्यूजियम में एक्सपेरीमेंटल एनिमेशन कॉन्टेस्ट माउंट कार्मल स्कूल के सहयोग से आयोजित कर रहे हैं।

मनपाल और दिव्या रघुवंशी ने शहर में छह साल से समर वर्कशॉप में स्टूडेंट्स को पेटिंग व अन्य आर्ट सिखाए। इसलिए इस बार वे हटकर कुछ सीखाना चाहते थे। इसकी प्लानिंग उन्होंने 2007 के अंत में कर ली थी। मनपाल से बताया कि वे तीन साल का नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद का फिल्म एनिमेशन का कोर्स करके आए हैं।

10 स्टूडेंट्स का करेंगे चयन: मनपाल और दिव्या रघुवंशी ने बताया कि एक दिन के प्रोग्राम में राइटिंग और ड्राइंग कंपीटिशन होगा। इसमें पांचवीं से दसवीं क्लास के स्टूडेंट्स भाग लेंगे। उनमें से बेस्ट 10 स्टूडेंट्स चुने जाएंगे। इनकी माउंट कार्मल स्कूल-47 में 20 दिन की एनिमेशन वर्कशॉप होगी।

तैयार करेंगे एनिमेशन फिल्म:

दिव्या और मनपाल ने बताया कि वे बच्चों को कंप्यूटर से एनिमेशन नहीं सिखाएंगे, बल्कि वर्कशॉप में पेपर कटिंग, कलर्स और क्ले से मॉडल तैयार करेंगे। फिर उसकी फोटोग्राफी करेंगे। बाद में कॉम्पोजिटिंग और फाइनल टच देने के लिए अहमदाबाद भेजेंगे। मनपाल ने बताया कि तीन सैकिंड से वन मिनट की एनिमेशन शॉर्ट फिल्म को बनाने का खर्चा साठ हजार रुपए आता है। उन्होंने बताया कि वर्कशॉप में बच्चे अपने आइडियाज शेयर करेंगे और उसके आधार पर विषय तय करके फिल्म बनाई जाएगी।

बाक्स:: कबूतर की जान बचाने से हुई दोस्ती: मनपाल आर्ट कॉलेज में स्कल्पचर और दिव्या पेंटिंग स्ट्रीम से थी। मनपाल ने बताया कि उनके कॉलेज में एक दिन कबूतर जख्मी हो गया और उसको बचाने के लिए दोनों आगे आए। बाद में कॉलेज में कोई भी पक्षी जख्मी होता तो उन दोनों को याद किया जाता था। दिव्या ने बताया कि मनपाल में बेस्ट ऐनिमेटर की खूबी है और हम दोनों का कॉर्डिनेशन बहुत अच्छा है।





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