कोयंबटूर: जिस भारत-अमेरिकी एटमी करार को माकपा पानी पी-पीकर कोसती आ रही है, उसी करार पर पार्टी की यहां चल रही 19वीं कांग्रेस में ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी है। ऐसा इसलिए क्योंकि पार्टी महसूस करती है कि इस विषय पर पहले ही बहुत ज्यादा बातें हो चुकी हैं। बकौल एक वरिष्ठ नेता, ‘हम इस मुद्दे पर अपना नजरिया बेहद साफ कर चुके हैं। हमारे प्रतिनिधि इस पर बार-बार चर्चा करके उकता चुके हैं।’
परमाणु समझौते पर चर्चा राजनीतिक प्रस्ताव पर बहस के दौरान जरूर हुई, लेकिन इसमें भी इस मुद्दे को केवल छुआ भर गया। उम्मीदों के विपरीत समझौते पर अलग से कोई प्रस्ताव भी पारित नहीं हुआ।
उधर, पार्टी पोलित ब्यूरो के सदस्य सीताराम येचुरी ने यहां आयोजित बार एसोसिएशन की बैठक में यह साफ किया कि पार्टी केवल समझौते को रोकने में रुचि रखती है, सरकार को अस्थिर करने में नहीं।
अमेरिका करार पूरा करने का इच्छुक अमेरिका के दक्षिण मध्य एशियाई मामलों के उप सहायक विदेश मंत्री ईवान ए फीजेनबोम ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ परमाणु समझौता पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अमेरिकी वाणिज्यिक दूतावास में अमेरिकी नागरिक सेवा के नए खंड का उद्घाटन करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत में ये विचार जताए।