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टिकैत को जमानत के बाद गिरफ्तार करने की कोशिश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत की गिरफ्तारी ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’ में बदल गई है। समय से वारंट न पहुंचने के कारण उन्हें रिहा करना पड़ा। मुख्यमंत्री मायावती के खिलाफ जाति सूचक व अपशब्दों के इस्तेमाल के मामले में टिकैत के समर्पण के बाद जमानत मिलते ही पुलिस ने एक अन्य मामले में टिकैत को गिरफ्तार करने की कोशिश की। इससे कोर्ट परिसर में टिकैत समर्थक और पुलिस आमने-सामने आ गई।

हत्या के प्रयास के आरोप में मुजफ्फरनगर से गिरफ्तारी का वारंट लेकर पुलिस ने बिजनौर के कोर्ट परिसर में ही टिकैत को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। पुलिस की इस कार्रवाई से कोर्ट परिसर में माहौल गरमा गया और वहां टिकैत के समर्थकों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। पुलिस टिकैत को गिरफ्तार कर मुजफ्फरनगर ले जाना चाहती थी। इस पर टिकैत समर्थक भड़क गए।

उधर, मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि टिकैत ने अपनी गलती के लिए माफी मांगी है, लेकिन कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा सरकार एससीएसटी एक्ट का सख्ती से अनुपालन करेगी। मीडिया से बात करते हुए मायावती ने कहा, ‘एक मामूली से आदमी ने भरी जनसभा में जाति सूचक शब्दों के प्रयोग की हिम्मत की है’।

दूसरी तरफ विपक्षी नेता मुलायम सिंह ने कहा, मुख्यमंत्री ने माना है कि उन्होंने टिकैत को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है, जबकि किसी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का आदेश देने क ा अधिकार मुख्यमंत्री के पास नहीं है। मुलायम ने कहा टिकैत गिरफ्तार नहीं हुए है बल्कि उन्होंने समर्पण किया है।

दो दिन की घेराबंदी के बाद सिसौली गांव में टिकैत को गिरफ्तार करने में नाकाम रहने के बाद पुलिस ने दो वरिष्ठ अधिकारियों को दूत बना कर टिकैत के पास भेजा, जिनके उनसे अच्छे रिश्ते रहे हैं। इन अधिकारियों से सहमत होकर टिकैत ने अपनी इच्छा से उन अधिकारियों की गाड़ी में बैठ कर गिरफ्तारी दी। वहां से उन्हें सीधे बिजनौर की जिला अदालत ले जाया गया, जहां उन्हें बीस-बीस हजार के मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस का दावा था कि उसने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया है। खुद टिकैत ने कहा खून-खराबा टालने के लिए उन्होंने अदालत में समर्पण किया है। इस दौरान टिकैत ने मायावती के खिलाफ अपनी टिप्पणी पर खेद भी व्यक्त किया है।

उन्होंने कहा, ‘मुझसे चूक हुई है, मायावती मेरी बेटी के समान है’। सोमवार से चल रहे घटनाक्रम और किसानों व पुलिस के बीच तनाव को शांत करने के लिए रालोद नेता चौधरी अजीत सिंह व भारतीय किसान यूनियन के नेताओं के बीच बैठक हुई है।





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