लीडरशिप मंत्र. जब आप किसी नए काम की शुरुआत करते हैं तो प्रचुरता के साथ जो चीजें उपलब्ध होती हैं, उनमें आत्मविश्वास, जोश, जुनून और कुछ हासिल करने का जज्बा प्रमुख होता है। अगर किसी चीज की कमी होती है तो वह है उपलब्ध संसाधन। यदि कोई सफलता का स्वाद चखना चाहता है, तो उसे मालूम होना चाहिए कि वह सीमित संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कैसे करे। अधिकांश दिग्गज शख्सियतों ने जब अपना सफर शुरू किया तो उनके पास साधन थोड़े थे, लेकिन उनके भरपूर इस्तेमाल की क्षमता ने उन्हें वह मुकाम दिलाया कि हम आज भी उनके बारे में बात करते हैं।
इस बात को समझने के लिए हम इतिहास के पन्नों में दर्ज सिकंदर महान और पोरस की युद्धगाथा पर एक नजर डालते हैं। पोरस की सेना के सामने सिकंदर की सेना बहुत छोटी थी। फिर पोरस के पास 200 हाथी भी थे, जिनकी भनक लगते ही घोड़े अपने सवार को पटककर भाग खड़े होते थे। सिकंदर को उसके रणकौशल के लिए जाना जाता था। रणनीति के तहत पोरस ने अपने हाथियों को आगे खड़ा कर उसके पीछे सारी सेना लगा दी।
सिकंदर ने अपनी रणनीति के तहत तीरंदाजों को आगे रखा, जिन्होंने पहले पोरस की सेना के हाथियों के महावतों को निशाना बनाया और फिर हाथियों की आंखें फोड़ दीं। नतीजतन हाथियों में जो भगदड़ मची, उससे पोरस की सेना कुचली गई और सिकंदर ने हारी हुई बाजी जीत ली। अत: एक लीडर होने के नाते ध्यान रखें।-
1. कभी हड़बड़ाएं नहीं। अगर स्थिति अनुकूल नहीं है, तो ठंडे दिमाग से नए रास्तों की तलाश करें।
2. अपने संसाधनों के प्रति जागरूक रहें और उनका भरपूर इस्तेमाल करें।
3. जब समर्पण और दृढ़ संकल्प होता है, तो सीमित संसाधनों से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
-लेखक नेतृत्व प्रशिक्षण संस्था लीडकैप के संस्थापक हैं।