जयपुर. चिकित्सा विभाग में एनआरएचएम योजना के तहत व्यक्तिगत अनुबंध पर होने वाली 6 हजार नर्सेज की भर्ती अब नहीं होगी। इसके लिए इंटरव्यू भी हो चुके थे। विभाग की ओर से तत्कालीन चिकित्सा मंत्री दिगंबरसिंह के कार्यकाल में पिछले वर्ष एनआरएचएम योजना के तहत आवेदन मांगे गए थे।
राज्यभर से सैकड़ों बेरोजगार जीएनएम ने नौकरी की आस में आवेदन किए। आवेदनपत्रों की जांच के बाद जिला स्तर पर मेरिट भी तैयार कर ली गई थी। लगातार देरी के चलते वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के लिए बेरोजगार छात्र-छात्राएं पिछले कई दिनों से अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठीक से जवाब देने को तैयार नहीं है।
ऐसे चली भर्ती प्रक्रिया
पिछले वर्ष अगस्त में आवेदन मांगे गए थे। जिला स्तरीय मेरिट के स्थान पर अंतिम समय में नियमों में बदलाव कर राज्य स्तरीय मेरिट तैयार करने का फैसला हुआ। इस दौरान मंत्री बदल गए। नए मंत्री नरपतसिंह राजवी ने 21 जनवरी को आदेश जारी कर नियुक्तियां दुबारा जिलेवार करने का फैसला किया। मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया और भर्ती प्रक्रिया पर स्टे आ गया।
कोर्ट ने 20 फरवरी को राज्य स्तरीय मेरिट तैयार करने का आदेश दिया। बार-बार मेरिट संबंधी नियम-कायदे बदलने के कारण इस पूरी प्रक्रिया में ही देरी हो गई।
जीएनएम का व्यक्तिगत अनुबंध 31 मार्च तक किया जाना प्रस्तावित था। समय निकलने के कारण इस भर्ती को निरस्त करने का फैसला किया गया है। नई भर्ती प्रक्रिया के लिए सरकार से इजाजत ली जाएगी।
-एम.एल. जैन,निदेशक (एड्स) चिकित्सा विभाग
सरकार ने बेरोजगारों के साथ छल किया है। आंदोलन किया जाएगा।
-मनोज धाकड़,अध्यक्ष राजस्थान राज्य छात्र नर्सेज एसोसिएशन