जयपुर.
अब स्थानीय निकायों से आबंटित मकान-दुकान का हमेशा के लिए पट्टा मिलेगा। इसके लिए राज्य सरकार फ्री होल्ड नीति लागू करने जा रही है। इस नीति के तहत कुछ वर्र्षो की एकमुश्त लीज जमा कराने पर आप मकान-दुकान व भूखंड के जड़ खरीद (अनंत काल के लिए) मालिक बन जाएंगे। अब तक 99 साल की लीज पर भूमि का आबंटन होता है। यह नीति लागू होती है तो 99 वर्ष बाद न तो जमीन सरकार में जाने का खतरा रहेगा और न ही इतने साल लीज राशि जमा कराने का चक्कर रहेगा। प्रथम चरण में यह नीति प्रदेश के 10 बड़े शहरों में लागू करने की योजना है।
शहरों में आवासीय, व्यावसायिक अन्य संपत्तियों को फ्री होल्ड करने के लिए स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत अभी विचार किया जा रहा है कि फ्री होल्ड करने के लिए एकबार ली जाने वाली लीज राशि की अवधि कितनी रखी जाए। इसके साथ ही एकमुश्त लीज राशि किस दर पर ली जाए, इस बिंदु पर भी इसी माह फैसला होने की उम्मीद है।
गारंटीड टाइटल और फ्री होल्ड की योजना पूरी तरह स्वैच्छिक होगी। फिर भी उम्मीद यह की जा रही है कि कोई भी व्यक्ति विवाद में नहीं पड़ना चाहता, इसलिए लोग फ्री होल्ड और गारंटीड टाइटल वाले दोनों ही विकल्प ले सकते हैं। विभाग फ्री होल्ड और गारंटेड टाइटल योजना को एकसाथ लागू करना चाहता है। गारंटेड टाइटल के नियम बना लिए गए हैं, लेकिन अभी विधि विभाग में राय के लिए गए हैं।
इन बिंदुओं पर होना है फैसला
>> फ्री होल्ड पट्टे के लिए एकमुश्त लीज की अवधि कितनी रखी जाए। स्वायत्त शासन विभाग इस अवधि को 12 साल रखना चाहता है।
>> जेडीए और हाउसिंग बोर्ड में अभी एकमुश्त लीज के लिए 8 और 10 साल की अवधि है। इसे 8 साल ही करने पर विचार।
>> जिन्होंने एकमुश्त लीज राशि जमा करवा रखी है और फ्री होल्ड पट्टा लेना चाहते हैं, उनसे किस दर पर लीज राशि ली जाए। स्वायत्त शासन विभाग का मत है कि जिस दिन एकमुश्त लीज राशि जमा कराई गई है, उसी दिन के बाजार भाव पर बकाया लीज राशि ली जाए।
>> जो लोग हर साल लीज राशि जमा करवा रहे हैं और अब फ्री होल्ड का पट्टा लेना चाहते हैं तो उनसे मौजूदा दर से ही एकमुश्त लीज राशि जी जाए।
गारंटीड टाइटल और फ्री होल्ड में अंतर क्या?
गारंटेड टाइटल के मामले में सरकार की ओर से एक अथॉरिटी आपके मालिकाना हक की गारंटी देगी। यदि उसके बाद संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर किसी तरह का विवाद होता है तो संबंधित अथॉरिटी क्षतिपूर्ति राशि देगी। इसके लिए गारंटेड लैंड टाइटल अथॉरिटी अलग से बनाने पर विचार किया जा रहा है। फ्री होल्ड संपत्ति के मामलों में मालिकाना हक आपका ही रहेगा, लेकिन किसी तरह का विवाद होने की स्थिति में संबंधित अथॉरिटी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। इसमें केवल लीज और लीज राशि से ही मुक्ति मिलेगी।
अभी क्या?
शहरों में अभी स्थानीय निकाय 99 साल की लीज पर भूमि का आबंटन करते हैं। जेडीए में 8 साल और हाउसिंग बोर्ड में 10 साल की लीज राशि एकमुश्त जमा कराने पर भूखंड को फ्री होल्ड मान लिया जाता है। यानी 99 साल तक लीज जमा कराने की जरूरत नहीं रहती। इसके बाद लीज अवधि पूरी होने पर भूमि का स्वामित्व वापस सरकार में जाने का खतरा बना रहता है।
फ्री होल्ड का फायदा
स्थानीय निकायों में एकमुश्त 12 साल की लीज राशि जमा करवाकर फ्री होल्ड का पट्टा लिया जा सकेगा। इसके बाद हजारों साल तक के लिए भूमि पर फ्री होल्ड पट्टाधारक और उसके वारिसों का मालिकाना हक माना जाएगा। इसके बाद उन्हें भविष्य में न तो लीज राशि जमा करानी होगी और न ही 99 साल बाद दुबारा आबंटन कराना होगा।
मेरा क्या होगा?
मैंने अपने भूखंड की 8 साल की एकमुश्त लीज राशि जमा करवा रखी है और अब मैं फ्री होल्ड पट्टा लेना चाहता हूं तो मुझे क्या करना होगा। ऐसे मामले में बाकी 4 साल की लीज राशि जमा करवाकर फ्री होल्ड पट्टा लिया जा सकता है। हाउसिंग बोर्ड में यदि 10 साल की लीज राशि एकमुश्त जमा करवाई है तो बाकी 2 साल की लीज जमा करवाकर फ्री होल्ड पट्टा लिया जा सकता है।