इंदौर. गवर्म्ेट आर्ट एंड कॉमर्स कॉलेज (जीएसीसी) में हुआ नकल का विवाद दूसरे दिन भी नहीं थमा। इस कारण दो दिन में 20 हजार से अधिक कॉपियां नहीं जंच पाईं। इधर, प्रोफेसर अपनी बात लेकर कुलपति के पास पहुंचे तो डीएसपी ने पुलिस से सहायता की मांग की। मंगलवार को प्रोफेसर सुरेश सिलावट व सत्यप्रभा चौहान के बीच हुए विवाद को लेकर श्री सिलावट के साथ कई प्रोफेसर कुलपति डॉ. भागीरथ प्रसाद से मिले और पक्ष रखा। कुलपति ने प्रोफेसरों को आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और गुरुवार से मूल्यांकन करने को कहा जिस पर प्रोफसर तैयार हो गए।
श्री सिलावट का कहना था यह प्रोफेसरों की इज्जत का सवाल है। इसलिए मैं किसी भी तरह का समझौता नहीं करूंगा। डीएसपी एस.एस. चौहान पूरे मामले में बचने के लिए नई-नई कहानी सामने ला रहे हैं। यदि कोई मुझे गलत सिद्ध कर दे तो मैं हर सजा के लिए तैयार हूं।
प्राचार्य ने आवेदन ठुकराया
डीएसपी एस.एस. चौहान का कहना है जीएसीसी में श्री सिलावट का खौफ इतना है कि मेरी पत्नी ने मंगलवार को जब आपबीती की लिखित शिकायत की तो प्रिंसिपल अशोक वाजपेयी ने नहीं ली। बुधवार को फिर शिकायत की लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया तब रजिस्टर्ड डाक से भेजी गई। (हालांकि श्री वाजपेयी ने इससे इंकार किया) उन्होंने कहा मैं आम आदमी की हैसियत से पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई चाहता हूं।