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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. फर्जी प्रमाणपत्र के सहारे जिला पंचायत के अंतर्गत सीधी भर्ती में शिक्षाकर्मी के पद पर नियुक्त 10 शिक्षाकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सीईओ सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने यह कार्रवाई कथित शिक्षाकर्मियों के प्रमाणपत्रों की जांच में शिकायत सही पाए जाने पर की। जिले में अब तक 30 शिक्षाकर्मियों को फर्जी प्रमाणपत्र मामले में बर्खास्त किया जा चुका है।
जिले में जिला पंचायत द्वारा जून महीने में सीधी भर्ती के अंतर्गत 1365 शिक्षाकर्मियों की नियुक्ति की गई थी। भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत अभ्यर्थियों को अपने प्रमाणपत्र स्वयं प्रमाणित करने कहा गया था। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए आवेदकों के प्राप्तांकों सहित चयन सूची इंटरनेट में जारी की गई थी। नियुक्ति के बाद इनके खेलकूद तथा शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच कराई गई, तो 30 शिक्षाकर्मियों के खेलकूद तथा मेट्रिक के सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए।
जिला पंचायत द्वारा शिक्षाकर्मियों के रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति प्रदान की गई थी। जिला पंचायत ने जनपद पंचायतों के सीईओ को इनके प्रमाणपत्र जांच के लिए मुख्यालय भिजवाने का निर्देश दिया है। खबर है कि जनपद पंचायतों से ऐसे अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र नहीं भेजे जा रहे हैं, जिनमें खोट है तथा इस आधार पर नियुक्ति कराने में जनपद पंचायतों के कर्मचारी संलग्न थे।