भोपाल. राज्य सरकार ने नौ आईएएस अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। ताजा फेरबदल में संचालक राज्य शिक्षा केंद्र राधेश्याम जुलानिया को हटाकर उन्हें दिल्ली में अतिरिक्त विशेष आयुक्त पदस्थ किया गया है। इनके अलावा धार,झाबुआ,छतरपुर और सतना कलेक्टर बदले गए हैं। केंद्र से प्रतिनियुक्ति से लौटने पर पीपी माथुर को संचालक आदिमजाति अनुसंधान एवं विकास संस्थान बनाया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। पीपी माथुर मप्र कैडर के 1972 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। आदिमजाति अनुसंधान संस्थान के संचालक पद को राजस्व मंडल अध्यक्ष के पद के समकक्ष घोषित किया गया है। श्री माथुर के कार्यभार ग्रहण करने पर जेएन कंसोटिया संचालक के अतिरिक्त कार्यभार से मुक्त होंगे,लेकिन वे यथावत सचिव आदिमजाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण बने रहेंगे। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक के रूप में श्री जुलानिया ने शिक्षा व्यवस्था के ढांचे में सुधार के लिए कई प्रयोग किए थे,जिसे लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हल्कों में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी। उनकी रवानगी को शिक्षा व्यवस्था में बदलाव विरोधियों की जीत माना जा रहा है। संचालक राज्य शिक्षा केंद्र का अतिरिक्त प्रभार मप्र पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक जीके श्रीवास्तव को सौंपा गया है।
छतरपुर कलेक्टर वीके बाथम को सदस्य राजस्व मंडल ग्वालियर बनाया गया है। उनका स्थान धार कलेक्टर उमाकांत उमराव लेंगे। झाबुआ कलेक्टर राजकुमार पाठक को धार कलेक्टर बनाया गया है। सदस्य राजस्व मंडल ग्वालियर अरुण तिवारी संचालक खाद्य एवं औषधि प्रशासन होंगे। यह पद लंबे अर्से से खाली था। सतना कलेक्टर मनीष रस्तोगी को मंत्रालय में अपर सचिव पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर जबलपुर और सागर संभाग के अपर आयुक्त वीए कुरील को सतना कलेक्टर बनाया गया है। इसी तरह पिछले एक महीने से खाली डिंडौरी कलेक्टर पद पर उप सचिव सामाजिक न्याय जीपी कबीरपंथी को पदस्थ किया गया है।
फेरबदल में ऐसा भी
झाबुआ से राजकुमार पाठक की विदाई के बाद फिलहाल वहां के लिए किसी नए कलेक्टर का नाम तय नहीं किया गया है। सतना कलेक्टर बनाए गए वीए कुरील को लगभग तीन महीने पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के औचक निरीक्षण के बाद उमरिया के कलेक्टर पद से हटाया गया था।