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फीस पर कन्फ्यूजन

चंडीगढ़ यूटी एजूकेशन डिपार्टमेंट ने इस नए सत्र से गवर्नमेंट स्कूल स्टूडेंट्स की फीस बढ़ाने का प्रपोजल दिसंबर में प्रशासन को सौंपा था। तत्कालीन एजूकेशन कम होम सेकेट्ररी कृष्ण मोहन ने इसे नकार दिया। इस पर डिपार्टमेंट ने दोबारा से मार्च में यही प्रपोजल प्रशासन को दिया लेकिन अभी तक इसका जवाब न आने से कन्फ्यूजन पैदा हो गया है।

प्रशासन द्वारा समय पर फैसला न लिए जाने से फीस तो नहीं बढ़ सकी लेकिन सेशन शुरू होने से कन्फयूजन का मौहाल पिछले 2 दिनों से सभी गवर्नमेंट स्कूलों में पैदा हो गया है। स्कूलों के पास बढ़ी हुई फीस की कोई जानकारी या सकरुलर नहीं है और पुरानी फीस वह ले नहीं रहे हैं। इसी वजह से यह कन्फ्यूजन हो गई है।

अभी कितनी है फी:

अभी के फी स्ट्रक्चर के हिसाब से 9वीं और 10वीं- 37 रुपए (गल्र्स), 52 रुपए (बॉयज) (प्रति माह), वहीं 11वीं और 12वीं- 440 से 500 रुपए (प्रति 6 महीने) ली जा रही है। गवर्नमेंट स्कूलों में पहली से 8वीं तक कोई फीस नहीं ली जाती। हालांकि प्री-नर्सरी या नर्सरी में एडमिशन फी होती है।

45 हजार स्टूडेंट्स पर असर: फीस बढ़ाने के प्रपोजल पर अगर प्रशासन की मुहर लग जाती है तो करीब 104 गवर्नमेंट स्कूलों के करीब 45 हजार स्टूडेंट्स पर इसका असर पड़ेगा। स्कूलों में फीस जमा करवाने की आखिरी तारीख 10 अप्रैल तक ही होती है।

कितने परसेंट बढ सकती है फीस: अगर डिपार्टमेंट के प्रपोजल पर प्रशासन कि मुहर लग जाती है तो गवर्नमेंट मॉडल स्कूलों (इंग्लिश मीडियम) में 100 प्रतिशत तक फी बढ़ सकती है जबकि गवर्नमेंट नॉन मॉडल स्कूलों (हिंदी मीडियम) में करीब 40 परसेंट तक की बढ़ोतरी हो सकती है। फीस बढ़ाने के पीछे डिपार्टमेंट का तर्क है कि स्कूलो में पीटीए फंड बंद हो गया है और स्कूलों में बढ़ी हुई फीस का कुछ हिस्सा स्कूल ही डवलपमेंट पर खर्च होगा। गौरतलब है कि फीस बढ़ोतरी पर पेरेंट्स ने नाराजगी व्यक्त की है।

हमें कन्फ्यूजन है कि कितनी फीस लेनी है क्योंकि डिपार्टमेंट की तरफ से कोई इंस्ट्रक्शंस नहीं आई है।

-रवि राज, प्रिंसिपल जीएमएसएसएस-35

पेरेंट्स को कहा है कि वह बाद में आएं क्योंकि कितनी फीस लेनी है यह अभी पता नहीं है।

-कुलदेवी यादव, जीएमएसएसएस-8

अभी पुराने स्ट्रक्चर पर फीस लेंगे और बाद में फी बढ़ी तो दोबारा लेनी पड़ेगी। इसीलिए पेरेंट्स को वापिस भेज रहे हैं।

-एच.के.भाटिया, जीएमएसएसएस-46

फीस बढ़ाने के कोई निर्देश न आने की वजह से अभी किसी प्रकार की फीस भी नहीं ली जा रही है।

-जसविंदर कौर, जीएसएसएस-37

दिसंबर में दिए गए हमारे फीस बढ़ाने के प्रपोजल को प्रशासन ने नकार दिया था। अब हमने फिर से वही प्रपोजल दिया है और प्रशासन के फैसले का इंतजार है। मैं जानता हूं कि कोई इंस्ट्रक्शंस न दिए जाने कि वजह से प्रिंसिपल कन्फ्यूजड हैं लेकिन एक या दो दिनों मे स्थिति साफ हो जाएगी।

-एस.के.सेतिया, डीपीआई (स्कूल्स)





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