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पूर्र्वाचल में घुसपैठ बढ़ने से स्थिति गंभीर

ग्वालियर. पूर्वांचल क्षेत्र में मुस्लिम जनसंख्या बढ़ाने के लिए घुसपैठियों द्वारा षड्यंत्र किया जा रहा है, इससे हिन्दू संगठन चिंतित है। इस षड्यंत्र को नहीं रोका गया तो असम के सात जिले में हालात काफी खराब हो सकते हैं। यह बात पूर्वांचल लोक जागरण मंच के चंदन बोरा और पुष्पधर शर्मा ने कही।

मंच से जुड़े लोगों को साथ में लेकर जनजागरण करने देश के विभिन्न भागों के दौरे पर निकले श्री बोरा और श्री शर्मा ग्वालियर आए। यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए बांग्लादेश में हो रही घुसपैठ के बारे में उन्होंने बताया कि पूर्र्वाचल क्षेत्र को दारुल इस्लाम बनाने के लिए बांग्लादेश से मुस्लिम घुसपैठ लगातार बढ़ रही है।

हालात इतने खराब हैं कि असम के सात जिले मुस्लिम बाहुल्य हो गए हैं और अब सोलह आतंकवादी संगठनों के सहयोग से वे स्वतंत्र प्रदेश की मांग करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस बात से देशवासियों को अवगत कराने के लिए वहां के राष्ट्रभक्तों ने लोक जागरण मंच का गठन किया है।

श्री बोरा ने बताया कि असम की खाली पड़ी जमीन पर खेती के लिए मुसलमानों की बसाहट शुरू हुई। बाद में यहां बांग्लादेशी घुसपैठियों को स्थायी निवास मिला और उनकी संख्या तेजी से बढ़ी, यह क्रम जारी है।

उन्होंने बताया कि बांग्लादेश से घुसपैठ कितने बड़े पैमाने पर जारी है, इसका खुलासा राज्यपाल एसके सिन्हा के उस पत्र से होता है जो उन्होंने केन्द्र सरकार को लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश से प्रतिदिन 6 हजार मुस्लिम यहां घुसपैठ कर रहे हैं।

उन्होंने इसके लिए आईएमडीटी एक्ट को दोषी ठहराया था। श्री बोरा ने बताया कि बांग्लादेश में आतंकवादियों के 355 प्रशिक्षण शिविर संचालित हैं जहां आईएसआई व अन्य उग्रवादी संगठनों जिनमें अलकायदा भी शामिल है, के सहयोग से भारत में उग्रवाद फैलाने, मुस्लिम घुसपैठ कराने व हथियारों आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मुस्लिम घुसपैठ की तरह पूर्वांचल में सेवा, शिक्षा और स्वास्थ्य के नाम पर ईसाई मिशनरीज भी धर्मान्तरण का कुचक्र कर रही हैं, यहां नगालैण्ड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर सहित कई इलाकों में ईसाइयों की संख्या 95 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गई है। पत्रकार वार्ता के समय आरएसएस के विभाग संघ चालक श्रीकृष्ण ˜यंबक काकिर्डे, प्रांतीय प्रचार प्रमुख यशवंत इंदापुरकर उपस्थित थे।





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